भारत विरोधी आतंकवादी गतिविधियां बंद करे पाकिस्तानः अमेरिका


वाशिंगटन। दक्षिण एशियाई मामलों के दो अमेरिकी विशेषज्ञों ने कहा है कि यदि पाकिस्तान अपने देश में सक्रिय भारत विरोधी आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है तो अमेरिका पाकिस्तान को भारत की ओर से किसी भी प्रकार के खतरे के प्रति आश्वस्त नहीं कर सकता। स्टडीज कार्नेगी इंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के उपाध्यक्ष जार्ज पर्कोविच ने बुधवार को कांग्रेस की सुनवाई के दौरान कहा कि अगर पाकिस्तान स्वयं उन आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध नहीं होता, जो भारत में अपनी करतूतों को अंजाम देते हैं, तो हम उन्हें किसी प्रकार का आश्वासन नहीं दे सकते। सांसदों के प्रश्नों के जवाब में पर्कोविच ने कहा कि अच्छी खबर यह है कि भारत पाकिस्तान की किसी जमीन या वहां कुछ भी हासिल करने की इच्छा नहीं रखता। उन्होंने कहा कि इसलिए भारत से खतरा केवल पाकिस्तान की आक्रामकता या भारत में आतंकवाद पैâलाने के जवाब में हो सकता है।
कार्नेगी इंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के एश्ले टेलिस ने कहा कि हालांकि पाकिस्तानी सेना पाकिस्तान में खतरा पैदा करने वाले आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने को प्रतिबद्ध है लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि वह भारत विरोधी आतंकवादी समूहों के बारे में भी ऐसा ही सोचती है। अंसारी ने कहा कि अगर हम इस ६० साल से अधिक पुरानी समस्या का शांतिपूर्ण समाधान निकालना चाहते हैं तो जरूरी है कि मुाqस्लम समुदाय के जिम्मेदार लोग और र्धािमक नेता इस पर चर्चा करें। उन्होंने कहा मैं ऑल इंडिया मुाqस्लम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी और एमआईएम के अध्यक्ष व सांसद असदुद्दीन ओवैसी समेत सभी मुाqस्लम राजनेताओं और र्धािमक नेताओं से संपर्वâ करूंगा। अंसारी के मुताबिक ओवैसी के पिता से मेरे अच्छे रिश्ते थे। मैंने उनके चुनावों में भी प्रचार किया था।