भारत के साथ समझौतों की समीक्षा की तैयारी में नेपाल


काठमांडू। नेपाल भारत के साथ समझौतों की समीक्षा के लिए ख्यातिप्राप्त चार लोगों का समूह (ईपीजी) बनाने की तैयारी में है। इसके लिए वैâबिनेट की बैठक में प्रस्ताव किया गया है, जिसे जल्द ही हरी झंडी मिलने की संभावना है। प्रधानमंत्री केपी ओली फरवरी के दूसरे सप्ताह में भारत का पहला दौरा करने वाले हैं।
जुलाई, २०१४ में संयुक्त आयोग की तीसरी बैठक में नेपाल के आग्रह पर दोनों पक्ष ईपीजी के गठन पर सहमत हुए थे। पिछले साल पीएम मोदी की नेपाल यात्रा के दौरान भी इस पर मुहर लगाई गई थी। नेपाल के संचार मंत्री शेरधन राय ने बताया, ईपीजी के लिए सरकार ने चार नाम प्रस्तावित किए हैं। इनमें भारत में राजदूत रह चुके नेपाल के पूर्व वित्त मंत्री भेष बहादुर थापा, जांच आयोग प्राधिकरण के पूर्व प्रमुख सूर्य नाथ उपाध्याय, यूएन के पूर्व सहायक महा सचिव कुल चंद्र गौतम और सीपीएन-यूएमएल नेता राजन भट्टाराई के नाम शामिल हैं। वैâबिनेट की अगली बैठक में इसपर औपचारिक पैâसला लिया जाएगा। यह समूह भारत-नेपाल शांति एवं मैत्री संधि (१९५०) के अलावा अन्य समझौतों की समीक्षा कर दो वर्षों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। भारत पहले ही विशेष समूह का गठन कर चुका है। गौरतलब है कि नेपाल के नए संविधान में ज्यादा प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर मधेशी पिछले कई महीनों से आंदोलनरत हैं। भारत से लगते नाकों की घेराबंदी करने के चलते नेपाल में आवश्यक वस्तुओं की बेहद कमी हो गई है।