ब्रिटेन में विदेशी छात्रों ने तोड़ा नकल का रिकॉर्ड


लंदन। ब्रिटेन में विदेशी छात्रों ने नकल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन सालों में यूरोपीय संघ से बाहर के करीब ५० हजार छात्र नकल करते पकड़े जा चुके हैं। नकल करने वाले विदेशी छात्रों में पहले स्थान पर चीन, दूसरे पर भारतीय और तीसरे पर नाइजीरिया के छात्र हैं।
टाइम्स ने ७० विश्वविद्यालयों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की। इसके अनुसार, नकल के कुल मामलों में ३५ फीसद यूरोपीय संघ से बाहर के छात्र पकड़े गए, जबकि कुल छात्रों में यहां विदेशी छात्र १२ फीसद ही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा और पढ़ाई के दौरान बाहरी छात्रों में नकल करने की आदत चार गुना तक ज्यादा पाई गई। कुछ विश्वविद्यालयों में आधे से ज्यादा नकल के मामलों में विदेशी छात्र संलिप्त पाए गए।
ब्रिटेन में कई तरह के सॉफ्टवेयर की मदद से शिक्षण कार्यों में नकल को आसानी से पकड़ लिया जाता है। हालांकि यहां कई ऐसी वेबसाइट भी आqस्तत्व में आ चुकी हैं जो पैसे के बदले में छात्रों के लिए काम करती हैं। उन्हें पकड़ना संभव नहीं हो पाता।
यूनिर्विसटी ऑफ बिंकघम के ज्योप्रâी एल्डरमैन ने कहा कि नकल का आसान तरीका है कॉपी और पेस्ट, लेकिन इसे बहुत आसानी से पकड़ा जा सकता है। आज की तारीख में प्रोपेâशनल तरीके से नकल कराने वाली वेबसाइटें ज्यादा बड़ी िंचता का कारण बन रही हैं।