ब्रिटिश दूतावासों में पूर्व मंत्रियों के रुकने पर रोक


लंदन । ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री और मंत्री अब निजी काम के लिए दुनिया भर में स्थित ब्रिटिश दूतावासों में मुफ्त में नहीं रूक सकेगें। ब्रिटिश सरकार ने यह नए नियम लागू किए हैं। विदेश विभाग ने सभी राजदूतों को निजी हितों के लिए यात्रा करने वाले पूर्व प्रधानमंत्रियों और मंत्रियों की मदद नहीं करने का निर्देश दिया है। आधिकारिक मामलों में पूर्व की तरह सुविधाएं जारी रहेंगी। दरअसल, पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर द्वारा व्यावसायिक हितों के लिए लगातार ब्रिटिश दूतावासों का इस्तेमाल करने की खबरें आई थीं। इसके बाद विदेश विभाग को दिशा-निर्देश जारी करना पड़ा है। खबरों के अनुसार प्रधानमंत्री के पद से हटने के बाद से ब्लेयर ने विदेशों में भाषणों और अन्य गतिविधियों के जरिये लाखों पाउंड कमाएं हैं। ब्लेयर ने निजी हितों के लिए प्रâांस और अमेरिका की यात्राएं की थी, जहां उन्होंने दूतावास का उपयोग किया था। इसी तरह ब्लेयर ने लीबिया की यात्रा की थी, जहां ब्रिटिश दूतावास ने उनकी सारी व्यवस्थाएं की थी। रिपोर्ट में करदाताओं के पैसे पर दूतावासों में मुफ्त में रुकने की बात कही गई थी। विदेश विभाग के मुताबिक सरकारी कर्मचारियों और संसाधनों के दुरूपयोग को रोकने के लिए यह कदम उठाना पड़ा है।