बोकोहराम ने 2,000 महिलाओं का अपहरण किया : एमनेस्टी


लागोस। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मंगलवार को कहा कि बोको हराम ने पिछले साल के शुरू से कम से कम २,००० से अधिक महिलाओं और लड़कियों का अपहरण किया है। इनमें नाइजीरिया की २१९ स्वूâली छात्राएं भी हैं जिनका स्वूâल से अपहरण किया गया था। बोरनो राज्य के चिबूक में पिछले साल १४ अप्रैल को २१९ छात्राओं के अपहरण की घटना ने उग्रवाद की व्रूâरता पर पूरी दुनिया का ध्यान आकषिर्त किया था। बहरहाल, मानवाधिकार समूह का कहना है कि उसने प्रत्यक्षर्दिशयों और किसी तरह बच कर निकली महिलाओं तथा लड़कियों के बयानों के आधार पर इस्लामी आतंकवादियों द्वारा अपहरण के ३८ मामलों का ब्यौरा दर्ज किया है। अपनी रिपोर्ट में एमनेस्टी ने कहा है बोको हराम ने कितने लोगों का अपहरण किया इसका अनुमान लगाना मुाqश्कल है लेकिन लड़कियों और महिलाओं की संख्या २,००० से अधिक हो सकती है। चिबूक से अपहृत छात्राओं के बारे में एमनेस्टी ने एक वरिष्ठ सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि उन्हें तीन या चार समूहों में बांट कर बोको हराम के अलग अलग शिविरों में रखा गया है। ये शिविर बोरनो राज्य, वैâमरून और चाड में हैं। नाइजीरिया की सेना ने पहले कहा था कि छात्राओं को कहां रखा गया है उसे इसकी जानकारी है लेकिन उसने बचाव अभियान चलाने से इंकार करते हुए कहा था कि ऐसा करना बहुत ज्यादा खतरनाक होगा। बोको हराम ने पिछले साल मई में एक वीडियो संदेश जारी किया था जिसमें करीब १०० लड़कियों को मुाqस्लम परिधान पहन कर कुरान की आयतें पढ़ते दिखाया गया था। इसके बाद लड़कियां नजर नहीं आर्इं। गुट के नेता अबुबकर शेकाउ ने कहा कि किशोरियों का इस्लाम में धर्मांतरण कराने के बाद उनका विवाह करा दिया गया। एमनेस्टी की रिपोर्ट में बोकोहराम द्वारा सामूहिक अपहरण किए जाने, अपहृत महिलाओं और लड़कियों का उपयोग करने और पुरूषों तथा लड़कों की जबरन भर्ती किये जाने का जिक्र है।
महिलाओं एवं लड़कियों ने बोको हराम की दिल दहला देने वाली ज्यादतियों के बारे में बताया कि किस तरह उन्हें क्षमता से अधिक वैâदियों वाली जेलों में रखा जाता है, उन्हें खाना पकाने, साफ सफाई के लिए और इस्लामी लड़ाकों के साथ विवाह के लिए मजबूर किया जाता है। एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने उन ८० से अधिक अपहृत महिलाओं एवं लड़कियों से बात की जो किसी तरह बच निकली थीं। उसके अनुसार, २३ मामलों में महिलाओं और लड़कियों के साथ या तो शिविर में आने से पहले बलात्कार किया गया या उनका जबरन विवाह करा दिया गया। सितंबर २०१४ में अपहृत १९ वर्षीय एक महिला ने कहा कि उसके साथ शिविर में कई बार सामूहिक बलात्कार किया गया। बलात्कार करने वालों में से कुछ तो उसके सहपाठी या उसके गांव के ही लोग थे, जो लोग उसे जानते थे उनका सलूक उसके साथ ज्यादा व्रूâरतापूर्ण रहा।