बुर्के में छिपकर जंग के मैदान से भाग रहे आईएस आतंकी


बगदाद। इस्लामिक स्टेट के आतंकी जंग के मैदान से भागने के लिए महिलाओं के लिबास का सहारा ले रहे हैं। इराकी सेना के इस दावे से कट्टर आतंकी संगठन का छुपा हुआ सच सामने आया है। इराकी सेना ने यह दावा यूं ही नहीं किया है। दरअसल, तस्वीरों की एक सीरीज भी सामने आई है। उत्तरी इराक की इन तस्वीरों में एक तस्वीर ऐसे शख्स की भी है जो महिलाओं की ड्रेस में, ब्रा और मेक-अप का सहारा लेकर भागने की कोशिश में था, और पकड़ा गया।
इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई तस्वीरों में बुर्वेâ में छुपे लड़ाकों को साफ देखा जा सकता है। बुर्का हटाने के बाद अथॉरिटीज ने पाया कि ऐसे युवक, जिनकी मूछें हैं और नौजवान लड़के भी इसमें छुपे हुए थे। एक डरा हुआ लड़का भी इन तस्वीरों में दिखाई दे रहा है। उसने खुद को बचाने के लिए गुलाबी आईशैडो का इस्तेमाल किया था। सैनिकों ने उसका गला पकड़ा हुआ है। एक अधिकारी की ाqक्लक की गई यह तस्वीर खूब चर्चा में है। हालांकि यह अभी तक साफ नहीं है कि तस्वीर को ाqक्लक किस वक्त किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक इंस्टाग्राम के अकाउंट में मारे जा चुके आतंकियों की तस्वीरें भी दिखाई दीं। आईएस जिस शरिया कानून का समर्थन करता है, उसके अंतर्गत, महिलाओं को युद्ध की मनाही है। ऐसा माना जाता है कि जिहादियों को औरतों के हाथों मारे जाने का डर है ।क्योंकि उनके मुताबिक इस मौत से उन्हें जन्नत में ७२ हूरें नहीं मिल पाएंगी। लेकिन इस संगठन ने युवकों और जवान लड़कों, जो १३ साल के भी नहीं है, उन्हें अपने साथ शामिल कर उनके हाथों में शक्तिशाली मशीनगन थमा दी हैं।
यह तस्वीरें उस घटना के ५ दिन बाद ही सामने आई हैं जिसमें आईएस ने समलैंगिकता के आरोप में क्षेत्र के ३ युवकों का सार्वजनिक रूप से सिर कलम कर दिया था। इराकी सेना और आतंकियों से लड़ने के लिए बनाए गए अन्य समूह, अमेरिकी नेतृत्व और ईरान के साथ आईएसआईएस के प्रभाव वाले क्षेत्र में आतंकी संगठन का मुकाबला कर रहे हैं लेकिन निनेवेह और मोसुल को वापस हासिल करना बगदाद की सेना के लिए अब भी बड़ी चुनौती है। आईएसआईएस ने बीते ९ महीने से यहां पैर जमाया हुआ है। इराकी सेना ने बीते हफ्ते तिकरित शहर को वापस हासिल करने के लिए बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है। अगर सेना इसमें कामयाब होती है तो वह आसानी से मोसुल की तरफ बढ़ सकेगी।