बंद होगा सऊदी अरब का तेल का खेल!


रियाद । सऊदी अरब सबसे बड़ा पाqब्लक इनवेस्टमेंट पंâड ला रहा है, जिसकी कीमत करीब २ ट्रिलियन डॉलर यानी १३२ लाख करोड़ रुपए होगी। यह भारत की मौजूदा जीडीपी के बराबर है। सऊदी के डिप्टी क्राउन िंप्रस मोहम्मद बिन सलमान ने बिजनेस मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में ये घोषणा की।
सऊदी अरब के इस पैâसले के पीछे ऑयल रिजर्व का कम होना और उसकी कीमतें गिरना है। साथ ही सऊदी सरकार ऑयल इकोनॉमी पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है। बता दें कि सऊदी अरब दुनिया का सबसे बड़ा व्रूâड ऑयल प्रोडयूसर वंâट्री है। उन्होंने कहा कि स्टेट ऑयल वंâपनी सऊदी अर्माको के शेयर पाqब्लकली बेचे जाएंगे। साथ ही पाqब्लक पंâड भी लाया जाएगा।
वंâपनी के शेयर्स को बेचकर उससे मिलने वाले पैसे को अन्य देशों में इनवेस्टमेंट किया जाएगा। यह पंâड दुनिया का सबसे बड़ा पंâड होगा, जिसकी कीमत दो ट्रिलियन डॉलर से भी ज्यादा होगी। इस पंâड से दुनिया के टॉप टेक वंâपनीज गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट खरीदी जा सकती हैं।
बता दें कि इस पंâड को लाने की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि सऊदी सरकार की आमदनी इकलौता जरिया तेल ही है। लंबे समय से तेल की कीमते घटने के कारण सऊदी इकोनॉमी में गिरावट आई है। जून २०१४ में तेल का रेट १०० डॉलर/बैरल था जो अब ३९ डॉलर/बैरल हो गया है और अपने कई बड़े खर्च घटाने पड़े हैं। इससे सऊदी अरब को फाइनेंशियल रिजर्व से हर महीने १० से १५ बिलियन डॉलर नुकसान हो रहा है और अब उसके पास सिर्पâ ६०० बिलियन डॉलर का फाइनेंशियल रिजर्व रह गया है।