पाकिस्तान में नौ और आतंकी फांसी पर लटकेंगे


इस्लामाबाद। सेना प्रमुख राहील शरीफ द्वारा मौत की सजा पर मुहर लगाए जाने के बाद पाकिस्तान में अब कभी भी नौ दुर्दांत आतंकियों को फांसी पर लटका दिया जाएगा। इन आतंकियों को सैन्य अदालतों में मौत की सजा सुनाई गई है।
जनसंपर्वâ विभाग के अनुसार इन मुजरिमों में सन २००९ में रावलिंपडी की परेड लेन माqस्जद पर हमले में शामिल मुहम्मद गौरी भी है। उस हमले में ३८ लोग मारे गए थे। गौरी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का सदस्य है।
मौत की सजा पाए गुनहगारों में हरकत उल जेहादी-ए-इस्लाम का सक्रिय सदस्य अब्दुल कयूम भी है। वह २००९ में मुल्तान में खुफिया एजेंसी आइएसआइ मुख्यालय पर हुए हमले में शामिल था।
दिसंबर २०१४ में पेशावर के आर्मी पाqब्लक स्वूâल पर आतंकी हमले में १३६ बच्चों समेत १५० लोगों के मारे जाने के बाद पाकिस्तान सरकार ने मृत्युदंड पर लगी रोक को हटा ली थी। उसके बाद से पाकिस्तान में ३२६ लोगों को फांसी दी जा चुकी है।