पनामा लीक्स: और नाम आएंगे सामने


पनामा सिटी । पनामा पेपर घोटाले से जुड़ी चौंकाने वाली कुछ और जानकारियां सामने आ सकती हैं। द इंटरनेशनल वंâर्सोिटयम ऑफ इन्वेस्टीगेशन जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) ताजा छानबीन के आधार पर कर बचाने के लिए फर्जी निवेशकर्ताओं और फायदा उठाने वाली शाqख्सयतों के नाम उजागर करेगा।
अमेरिकी संगठन का दावा है कि ताजा जानकारी विकीलीक्स के रहस्योद्घाटन जैसी आंकड़ों का कचरा नहीं होगी बाqल्क करीब दो लाख महत्वपूर्ण लोगों के र्आिथक लाभ से जुड़ी हुई होगी। ये आंकड़े करीब चार दशक पुराने डिजिटल रिकॉर्ड से प्राप्त हुए हैं।
ये आंकड़े खासतौर से खनन कार्य करने वाली वंâपनियों में होने वाले निवेश की सूचनाएं रखने वाली पनामा की लॉ वंâपनी के हैं। वंâपनी के प्रमुख मोसेक फोंसेका के मुताबिक वंâपनी के वंâप्यूटर रिकॉर्ड को किसी अन्य देश से हैक करके ये जानकारियां प्राप्त की गई हैं। इन जानकारियों पर कई देशों के सैकड़ों पत्रकार काम कर रहे हैं। इन सबको मिलाकर वंâर्सोिटयम बनाया गया है। पूर्व में सार्वजनिक हुई सूचना के कारण कई देशों में राजनीतिक और सामाजिक बवाल मच गया।
आइसलैंड के प्रधानमंत्री को इस्तीफा तक देना पड़ा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड वैâमरन को मानना पड़ा कि उन्होंने फायदा उठाया है। मामले में रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनिंपग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का भी नाम आया है। भारत में जिस सर्वाधिक र्चिचत शाqख्सयत का नाम इस रहस्योद्घाटन में सामने आया, वह मेगास्टार अमिताभ बच्चन हैं। हालांकि उन्होंने बाद में ऐसे किसी निवेश से इन्कार कर दिया।