न पाक हिरासत में हैं निजामुद्दीन दरगाह के उलेमा


लाहौर । दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन दरगाह के दो लापता भारतीय उलेमा पाकिस्तान के मुत्तेहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के साथ कथित संबंधों को लेकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी की हिरासत में हैं। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सैयद आसिफ निजामी और उनके भतीजे नाजिम निजामी को 14 मार्च को लाहौर के अल्लामा इकबाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कराची जा रही शाहीन एयरलाइंस की उड़ान से उतारा गया। सूत्रों ने पहचान उजागर ना करने की शर्त पर कहा कि खुफिया एजेंसी के कर्मियों ने विमान से उतारने के बाद दोनों उलेमा को हिरासत में ले लिया और जांच के लिए उन्हें एक अज्ञात स्थान पर ले गए। उन्होंने कहा कि दोनों उलेमा को अल्ताफ हुसैन की पार्टी एमक्यूएम के साथ कथित संबंधों के लिए हिरासत में लिया गया। सूत्रों ने कहा कि कराची में अल्ताफ की पार्टी के सदस्यों के साथ कथित संबंधों को लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कुछ ना पाए जाने पर उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। एमक्यूएम पाकिस्तान में 1980 के दशक में सबसे बड़ी जातीय पार्टी के रूप में उभरी थी। सिंध प्रांत के दक्षिणी शहरी इलाकों खासकर कराची, हैदराबाद, मीरपुरखास और सुक्कुर में पार्टी का राजनीतिक वर्चस्व है जहां भारत-पाक बंटवारे के बाद पाकिस्तान जाने वाले उर्दू भाषी लोगों की एक बड़ी आबादी रहती है। 80 साल के आसिफ निजामी हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह के सजादानशीन हैं। वह अपनी बहन से मिलने 8 मार्च को अपने भतीजे नाजिम अली निजामी के साथ पाकिस्तान गए थे। वे 13 मार्च को कराची पहुंचे और पाकपटटन में सूफी संत बाबा फरीद गांग के दरगाह पर जियारत के लिए गए। दोनों 14 मार्च को लाहौर से लापता हो गए। पाकिस्तान सरकार ने पिछले साल पार्टी प्रमुख हुसैन के पाकिस्तान विरोधी टिप्पणी करने के बाद एमक्यूएम पर कार्रवाई की थी।