निर्भयाकाण्ड के दोषी की टिप्पणी `घृणित’: बान की मून


संयुक्तराष्ट्र। निर्भया बलात्कार कांड के दोषियों में से एक की टिप्पणियों को “घृणित” करार देते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा है कि महिलाओं के खिलाफ िंहसा को रोकने के काम में पुरूषों के शामिल होने की आवश्यकता है। इस दोषी ने घटना के लिए पीड़िता को जिम्मेदार ठहराया है। बान के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बस चालक मुकेश िंसह की टिप्पणियों पर और कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। यह घटना सोलह दिसंबर २०१२ की रात की है जब चलती बस में छह लोगों ने २३ वर्षीय एक पैरामेडिकल छात्रा से बर्बर बलात्कार किया था। बाद में पीड़िता की मौत हो गई थी। दुजारिक ने संवाददाताओं से कहा, “मैं घृणित टिप्पणियों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता जो इस लड़की के बारे में बलात्कार के दोषी ने की है। लेकिन मेरा मानना है कि महासचिव महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के काम में पुरूषों के शामिल होने और ऐसी घटना होने की सूरत में जोरशोर से उठ खड़े होने की आवश्यकता की बात बहुत स्पष्टता के साथ कह चुके हैं।” बीबीसी की डॉक्यूमेंटरी के लिए दिए साक्षात्कार में मुकेश के चेहरे पर वीभत्स अपराध के लिए कोई पछतावा नहीं दिखा। मुकेश की विवादास्पद टिप्पणियों पर व्यापक जन आक्रोश के बीच भारत सरकार ने २०१२ के इस सामूहिक बलात्कार पर बनी डॉक्यूमेंटरी `इंडियाज डॉटर’ पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने भारत में सभी मीडिया मंचों पर इस डॉक्यूमेंटरी का प्रसारण रोकने के लिए अदालत का आदेश भी प्राप्त कर लिया है। डॉक्यूमेंटरी का प्रसारण रोकने के भारत सरकार के पैâसले और प्रेस की स्वतंत्रता के बारे में पूछे जाने पर दुजारिक ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बुधवार को कहा, “मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर रहा। प्रेस की स्वतंत्रता पर हमारा रूख स्पष्ट है। कुछ देशों में न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्य प्रदर्शन के संबंध में अलग नियम हैं। मुझे इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए मैं इसे यहीं छोड़ता हूं।”