दुबई फेस्टिवल में 15 करोड़ का कालीन


दुबई। एक किलो सोने और १७३ रंगों से तैयार एक रंगीन कालीन की कल्पना कीजिए। जी हां, ईरान के कारीगरों द्वारा तैयार २२ लाख डॉलर (करीब १४,९१,४०,०९० रुपये) की यह कालीन यहां दुबई शॉिंपग पेâाqस्टवल (डीएसएफ) २०१६ में कारपेट एंड आर्ट ओएसिस का मुख्य आकर्षण बनी हुई है।
इस प्रदर्शनी में कश्मीर व आगरा में तैयार किए गए कालीन भी लोगों को काफी लुभा रहे हैं। कीमत के मामले में कश्मीर के ठएशिया पर्ल कारपेट ट्रेिंडग एलएलसीठ की कालीन दूसरे नंबर है। इसकी कीमत करीब १५.३ लाख रुपये है।
इस प्रदर्शनी में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन के कारीगरों की कलाकारी के उदाहरण भी देखने को मिल रहे हैं। कारोबारी मेले में हाथ से तैयार तरह-तरह की सिल्क और ऊनी कालीनें पेश की गई हैं। डीएसएफ में खरीदारी करने और यहां आयोजित विशेष कार्यक्रमों का लुत्फ उठाने के लिए दुनिया भर से पर्यटक और दर्शक आते हैं।ईरान के ब्रांड हेरीटेज कारपेट अमीर घानबारीनिया ने २२ लाख डॉलर की कालीन के बारे में बताया, ‘यह एक किलो सोने के साथ १७३ विभिन्न रंगों से मिलाकर तैयार की गई है। इसको आठ लोगों ने प्रतिदिन आठ घंटे काम करके सात साल में तैयार किया है।’
भारतीय ब्रांड से जुड़े एक प्रतिनिधि ने बताया, चूंकि विदेशी भारत में बनी कालीनों को बहुत पसंद करते हैं, यही वजह है कि ईरान के बाद कश्मीर में तैयार की गई कालीन भी काफी कीमती है। विदेशी ग्राहक आगरा में सोने और पत्थर लगी कालीनों को भी पसंद करते हैं।
उन्होंने कहा, भारत सरकार को अपने कालीन कारोबारियों को आगे बढ़ाना चाहिए। यदि अंतरराष्ट्रीय कालीन प्रर्दिशनयों में भारत सरकार ब्रांड का प्रमोशन कर सकती है तो फिर देश में हमारे लिए वह कुछ क्यों नहीं कर सकती है।