दुनिया का हर 25वां शख्स सेक्स एडिक्ट


लंदन। कई बार बलात्कार जैसे मामलों में अपराधी के सेक्स के लती या मानसिक रूप से असामान्य होने की बात सामने आती है. शराब, सिगरेट या दूसरी ड्रग्स की लत की तरह ही सेक्स की भी लत होती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया का हर २५वां शख्स सेक्स एडिक्ट है. सेक्स एडिक्ट को एक मनोवैज्ञानिक बीमारी समझा जाता है, जिसमें मरीज हर वक्त सेक्स से जुड़ी बातें सोचता रहता है. ब्रिटेन की वैंâब्रिज यूनिर्विसटी के रिसर्चरों का मानना है कि इस लत के रहते व्यक्ति का निजी जीवन बहुत बुरी तरह प्रभावित होता है. उन्होंने खास तौर पर पोर्नोग्राफी को लेकर मरीजों पर पड़ने वाले असर पर रिसर्च की है. एक रिपोर्ट के अनुसार ऐसा व्यक्ति हर समय शा\मदगी का अहसास करता है और लोगों से नजर नहीं मिला पाता. हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि पोर्न देखने भर से इसकी लत नहीं लगती.
सेक्स की लत में पोर्नोग्राफी का दिमाग पर वैसा ही असर पड़ता है जैसा ड्रग्स का. उन्हें सेक्स से जुड़ी बातों के बारे में सोचते रहने की लत होती है. वे इस तरह की सोच या भावनाओं को काबू में करने में असमर्थ होते हैं. इस तरह के लोगों को पोर्न फिल्में देखने की वैसे ही चाह होती है जैसे नशे के लती को.
इस अध्ययन में सेक्स के लती १९ पुरुष मरीज पर रिसर्च किया गया. इतनी ही संख्या में आम लोगों को भी रिसर्च में रखा गया. उन्होंने पाया कि सेक्स के लती मरीजों ने पोर्न फिल्में देखना काफी छोटी उम्र में ही शुरू कर दिया था.
वैंâब्रिज यूनिर्विसटी के मनोचिकित्सा विभाग की डॉक्टर वैलेरी वून ने रिसर्च की अध्यक्षता की. वह कहती हैं, ठहमारे अध्ययन में जिन लोगों को शामिल किया, उन सभी को सेक्स के प्रति अपने व्यवहार को काबू में करने में दिक्कत हो रही थी और इससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था. उनके संबंधों और जीवन पर इसका असर पड़ रहा था.ठ