दुनिया का पहला डेंगू वैक्सीन बनकर तैयार


लंदन। मच्छरों की वजह से होने वाली बीमारियों में डेंगू को सबसे ज्यादा घातक माना जाता है। विकासशील देशों में हर साल इस बीमारी की वजह से सैकड़ों जाने जा रही हैं। सिर्पâ एशियाई देशों की बात करें तो यहां डेंगू के इलाज पर प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से ६.३ बिलियन अमेरिकी डॉलर्स खर्च हो रहे हैं। ाqस्थति इसलिए भी खराब है क्योंकि इस बीमारी का अब तक कोई इलाज नहीं था। इससे बचाव ही इसका इलाज माना जाता है। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने इस बीमारी का इलाज खोज लिया है और इससे निदान का वैक्सीन बना लिया गया है। सैनोफी नाम की एक दवा वंâपनी ने डेंगवैक्सीया नाम का टीका विकसित कर लिया है, जो डेंगू पीड़ितों के इलाज में मददगार साबित हो सकता है। इस वैक्सीन की पहली खेप को इस महीने की शुरुआत में फिलीपींस भेजा गया है। फिलीपींस सरकार ने २२ दिसंबर २०१५ को सभी जांचें पूरी होने के बाद डेंगवैक्सीया को देश में मान्यता दे दी है।यह वैक्सीन डेंगू के सभी प्रकारों पर कारगर साबित हुआ है और इसे ९ साल से ४५ वर्ष पीड़ितों को लगाया जा सकता है। इसे एक साल की अवधि में तीन खुराकों में रूप में लगाया जा सकता है। गौरतलब है कि सिर्पâ फिलीपींस में ही हर साल ११०,००० लोगों की मौत डेंगू की वजह से हो जाती है। पूरी दुनिया में डेंगू से होने वाली मौतों में से ७० फीसदी एशिया में दर्ज होती हैं। दुनियाभर में इस बीमारी की वजह से हर साल औसतन ६७ मिलियन लोग बीमार हो जाते हैं।