दक्षिण चीन सागर में चीन के विमान उतारने पर अमेरिका ने जताई चिंता


वािंशगटन । विवादित दक्षिण चीन सागर में एक कृत्रिम द्वीप पर चीन द्वारा एक विमान उतारे जाने पर अमेरिका ने िंचता जताई है। अमेरिका ने कहा है कि चीन का यह हालिया कदम `क्षेत्र में सुरक्षा और ाqस्थरता के लिहाज से मददगार नहीं है।’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने सोमवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि `हमें यह उड़ान गतिविधि इस क्षेत्र में सुरक्षा और ाqस्थरता के लिए मददगार नहीं लगी। यह हमारे उस यकीन के खिलाफ है, जो मानता है कि कृत्रिम द्वीप निर्माण की प्रक्रिया बंद होनी चाहिए। प्रतिष्ठानों का सैन्यीकरण बंद होना चाहिए, फिर चाहे उनका निर्माण कृत्रिम रूप से हुआ हो या नहीं। यह इसलिए बंद होना चाहिए क्योंकि इससे सिर्पâ तनाव ही बढ़ता है। हमारी िंचता यह है कि एक विवादित क्षेत्र में एक नए एयरफील्ड में उड़ान संचालन शुरू करने से सिर्पâ और सिर्पâ तनाव ही बढ़ेगा और क्षेत्रीय ाqस्थरता पर खतरा पैदा होगा।
किर्बी ने कहा कि हम कृत्रिम द्वीप निर्माण करने वाले सभी निर्माताओं से एक बार फिर अपील करते हैं कि वे इस निर्माण को और नए प्रतिष्ठानों के विकास को बंद करें, हम अपील करते हैं कि वे उनकी चौकियों का सैन्यीकरण बंद करें और विवादित क्षेत्रों में स्वीकार्य व्यवहार वाले एक समझौते पर पहुंचने पर ध्यान वेंâद्रित करें। हमने यह बात लगातार स्पष्ट की है और हम ऐसा करना जारी रखेंगे। गौर हो कि चीन ने पहली बार एक कृत्रिम द्वीप पर विमान उतारा है, जिसका निर्माण उसने रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण दक्षिण चीन सागर के एक विवादित क्षेत्र में किया है। चीन की इस गतिविधि को देखते हुए वियतनाम ने बीिंजग पर आरोप लगाया है कि वह उसकी संप्रभुता का `गंभीर उल्लंघन’ कर रहा है। रविवार को चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिंयग ने कहा कि चीन ने यह देखने के लिए एक `उड़ान परीक्षण’ किया था कि नवर्नििमत एयरफील्ड प्रतिष्ठान नागरिक उड्डयन के मानकों के अनुरूप भी हैं या नहीं।