तिब्बत एवं नेपाल के बीच रेलवे लिंक बनाएगा चीन


बीजिंग।चीन तिब्बत और नेपाल के बीच तेज गति वाले रेल िंलक बनाने की योजना बना रहा है। यह िंलक सुरंग के द्वारा माउंट ऐवरेस्ट से होकर जाएगा। चीन की यह योजना भारत की चिंता को बढ़ा सकती है।सुरंग बनाने की यह योजना पहली बार सामने आई है। चीन पहले ही अपनी िंकगहाई-ल्हासा रेलवे लाइन को नेपाल की सीमा तक बिना सुरंग बनाए बढ़ाने पर विचार कर चुका था। िंकगहाई-ल्हासा रेलवे को नेपाल सीमा तक बढ़ाने की इस योजना से दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन की उम्मीदों को बढ़ावा मिलेगा। फिलहाल दोनों देशों को जोड़ने वाला कोई रेलवे िंलक नहीं है।
रेलवे विशेषज्ञ वांग मेंगशू के मुताबिक ‘मुमकिन है यह िंलक कोमोलांगमा से होकर गु़जरे ताकि वर्वâर्स को लंबी सुरंग न खोदनी पङे।’सूत्रों के मुताबिक इस योजना का मकसद एक छोटा रास्ता निकालकर नेपाल में बड़े पैमाने पर पैâले भारतीय बा़जार तक पहुंचना है। यह भी बताया गया है कि चीन नेपाल को अपने बीसीआईएम (बांग्लादेश-चीन-इंडिया-म्यांमार) परियोजना में शामिल कर सकता है। इस परियोजना में भारत की कम उत्सुकता चीन के इस इरादे की मुख्य वजह है।पिछले साल अगस्त तक चीन ने ल्हासा लाइन को तिब्बत के दूसरे सबसे बड़े शहर शिगाजे तक बढ़ा लिया था। २५३ किलोमीटर लंबी ये लाइन नेपाल सीमा के नजदीक है।हिमालय की ऊंचाई पर होने वाले असाधारण बदलावों के चलते यहां चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार १२० किलोमीटर तक ही मुमकिन होगी। तिब्बती अधिकारी ने बताया कि नेपाल रेल प्रॉजेक्ट २०२० तक पूरा कर लिया जाएगा। नेपाल से मिली रिपोर्ट की मानें तो पिछले दिसंबर को काठमांडू में चीन के विदेशमंत्री की यात्रा के दौरान इस परियोजना पर बात हुई थी।