ट्विटर पर बंद होगा घृणा फैलाने का सिलसिला


वािंशगटन । ग्लोबल मैसेिंजग प्लेटफॉर्म ाqट्वटर घृणा से भरे संदेशों और अपशब्दों के सिलसिले को रोकने के लिए नए कदम उठा रहा है. आतंकवाद में भूमिका निभाने के कारण अमेरिका और कई दूसरी सरकारों के दबाव में ये बदलाव लाए गए.
पेरिस और वैâलिर्फोिनया के हमलों की साजिश में मैसेिंजग प्लेटफॉर्म ाqट्वटर के तार जुड़े होने के संदेह के कारण वंâपनी ने इस बाबत कदम उठाए हैं. ाqट्वटर में ऑनलाइन ट्रस्ट एंड सेफ्टी की निदेशक मेगन क्रिस्टीना ने कहा है, ठाqट्वटर पर लोगों को स्वतंत्र अभिव्यक्ति के लिए प्रेरित करने में उन्हें गालियों और प्रताड़ना से सुरक्षित रखना काफी महत्वपूर्ण है.ठ
ऑनलाइन दुव्र्यवहार से निबटने के लिए वंâपनी ने अपने नियमों में परिवर्तन किए हैं. ाqट्वटर ने परिभाषित किया है कि वे किसे दुव्र्यवहार और घृणात्मक आचरण मानते हैं. उन्होंने साफ किया है कि प्लेटफार्म पर ठकिसी को तंग करने, डराने या उसकी आवाज बंद करने के लिए धमकानेठ नहीं दिया जाएगा. वंâपनी का कहना है कि ाqट्वटर यूजर्स को ठिंहसा की धमकी या िंहसा को बढ़ावा नहीं देना चाहिए, इसमें आतंकवाद को बढ़ावा देना या उसकी धमकी देना भी शामिल है.ठ इसके अलावा वंâपनी ने बताया है कि नस्ल, जाति, धर्म, राष्ट्रीय मूल, यौन प्राथमिकता, िंलग, धर्म, आयु, विकलांगता या रोग के आधार पर भी किसी तरह का भेदभाव स्वीकार्य नहीं होगा. ाqट्वटर ने बताया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले का अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाएगा.
दुनिया भर में हो रहे आतंकी हमलों में सोशल मीडिया का इस्तेमाल रोकने के लिए अमेरिकी और यूरोपीय सरकारें सोशल मीडिया वंâपनियों पर दबाव डालती आई हैं. दिसंबर में ही अमेरिका के व्हाइट हाउस से जारी एक वक्तव्य में सोशल मीडिया पर संवाद और आतंकवाद की योजना बनाने के बीच अंतर स्थापित करने का आह्वान किया गया था. पेरिस में आतंकी हमलों के कारण प्रâांस में कई आपातकालीन कदम उठाने पर सहमति बनी है. इनमें आतंकी कार्रवाइयों का समर्थन करने वाली वेबसाइटों और सोशल मीडिया अकाउंटों पर नियंत्रण करना शामिल है.