चीन बना नेपाल का सबसे बड़ा दाता


काठमांडो। भारत द्वारा नेपाल को दी जाने वाली मदद बीते पांच साल में घटकर लगभग आधी यानी २.२ करोड़ डालर रह गई है जबकि इसी दौरान उसे चीन से मिलने वाली मदद दोगुनी हुई है। नेपाल के वित्त मंत्रालय की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। उल्लेखनीय है कि यह नेपाल को वित्तीय मदद में यह बदलाव ऐसे समय में दर्ज किया गया है जबकि चीन के साथ उसके संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। नेपाल के विकास निगम की रिपोर्ट (२०१४-१५) के अनुसार २०१४-२०१५ की १२ महीनों की अवधि में उसे ३.७९४ करोड़ डॉलर की चीनी मदद वितरित की गई। इससे चीन नेपाल का चौथा सबसे बड़ा द्विपक्षीय दाता बन गया। उससे पहले ब्रिटेन, अमेरिका व जापान है। वहीं ाqस्वटजरलैंड उसके लिए पांचवा सबसे बड़ा दाता है। रिपोर्ट के अनुसार भारत की नेपाल को वास्तविक मदद वितरण २०१०-११ में ५०,७२८,५०२ डॉलर थी। यह २०११-१२ में ५०,६२०,७४९ डॉलर, २०१२-१३ में ६३,८१३,२६९ डॉलर, २०१३-१४ में ४७,७९६,३४९ डॉलर व २०१४-१५ में २२,२२७,३०६ डॉलर रह गई। वहीं नेपाल को चीन की वित्तीय मदद लगातार बढ़ रही है। यह २०१०-११ में १८,८४३,९८८ डॉलर थी जो २०१३-१४ में ४१,३८१,५२२ डॉलर हो गई।