चीन के लिए पाक, भारत के लिए अमेरिका बन रहे खास


वािंशगटन। अमेरिका ने ऐलान किया है कि वह न्यूाqक्लयर सप्लायर ग्रुप यानी एनएसजी में भारत की एंट्री के समर्थन में है। अमेरिका ने चीन की ओर से दर्ज कराई गई आपत्ति को दरकिनार कर, समर्थन देने का ऐलान किया है। इस नए घटनाक्रम के साथ ही एशिया में जो नया समीकरण बन रहा है, वह साफ होता नजर आ रहा है।
अमेरिका ने एनएसजी में भारत की एंट्री रोकने के मसले पर अमेरिका ने कहा है कि भारत मिसाइल वंâट्रोल सिस्टम के लिए जरूरी नियमों को पूरा करता है। ऐसे में भारत इस ग्रुप में शामिल होने के लिए पूरी तरह योग्य है। इस मसले पर अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता जॉन र्कीिब ने है कि वह वर्ष २०१५ में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे के दौरान कही गई बात पर वापस आना चाहेंगे। उन्होंने कहा था कि भारत मिसाइल वंâट्रोल सिस्टम के लिए जरूरी नियमों को पूरा करता है और एनएसजी का सदस्य बनने के लिए पूरी तरह योग्य है। अमेरिका चीन और अमेरिका के बीच कभी भी संबंध अच्छे नहीं रहे हैं। वर्तमान समय में साउथ चाइना सी की वजह से दोनों देशों के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि अमेरिकी मीडिया की वजह से तीसरे विश्व युद्ध तक के बारे में आशंकाएं जताई जाने लगी थी। पाकिस्तान का दोहरा रवैया पाकिस्तान आतंकवाद के मुद्दे पर न सिर्पâ भारत बाqल्क अमेरिका के लिए भी सिरदर्द बना है। एफ-१६ डील के बाद यह बात साफ हो गई है कि अमेरिका वर्तमान समय में आतंकवाद पर पाक की दोहरी नीति को समर्थन देने को तैयार नहीं है।