ऑस्ट्रेलियाई कर रहे आईएस गुट का समर्थन 


वािंशगटन। ऑस्ट्रेलिया ने जिहादी समूहों से लड़ने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में व्यापक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन करने का आह्वान किया है। सरकारों को चुनौती दे रहे इन समूहों का लक्ष्य पाqश्चमी एशिया में इस्लामी खलीफा शासन की स्थापना करना है। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री जूली बिशप ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने जिहादी समूहों से लड़ने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में व्यापक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन करने का आह्वान किया है। जिस तरह विदेशी लड़ाके संगठित हो रहे हैं उससे वह बेहद िंचतित हैं। उनके मुताबिक, समझा जाता है कि लगभग १८० ऑस्ट्रेलियाई नागरिक या तो इराक और सीरिया में जाकर इस्लामिक स्टेट (आईएस) गुट के साथ लड़ रहे हैं या वह लोग ऑस्ट्रेलिया से ही उनका समर्थन कर रहे हैं। बिशप ने मंगलवार को अमेरिकी सुरक्षा और खुफिया एजेंसी के प्रमुखों के साथ बात की और बताया कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार, लगभग इतनी ही संख्या में अमेरिकी नागरिक भी गुट में शामिल हुए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि चरमपंथी समूहों को समर्थन के चलते लगभग १५० अमेरिकी या तो इराक या सीरिया जाने का प्रयास कर चुके हैं या वहां जा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया अमेरिका का करीबी सहयोगी है और वर्तमान में उसके करीब ६०० कर्मी इराकी सुरक्षा बलों का समर्थन करते हुए, उग्रवादियों के खिलाफ अभियान में शामिल हैं। अमेरिका नीत सैन्य अभियान में ऑस्ट्रलिया दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला देश है। बिशप ने बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने वािंशगटन में एक विचार समूह “ब्रूिंकग्स इन्स्टीटयूशन” में कहा था कि “जिहादी समूहों की ओर से उत्पन्न खतरे से निपटने के लिए देशों को हाथ मिलाने की जरूरत है।”