ऐपल ने आतंकी का फोन हैक करने से किया इन्कार


वािंशगटन। अमेरिका की अदालत ने आतंकी के फौन को हैक करने का आदेश दिया लेकिन आइफोन निर्माता वंâपनी ऐपल ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। ऐपल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने अदालत के आदेश को बेहद खतरनाक बताते हुए इसे चुनौती देने की बात कही है। इसके साथ ही वंâपनी वेबसाइट पर ग्राहकों के नाम पत्र लिखते हुए उन्होंने कहा कि एफबीआई चाहती है कि हम आइफोन में घुसपैठ का तरीका खोजें। इससे फोन के कई सुरक्षा फीचर निष्प्रभावी हो जाएंगे। यह ग्राहकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ होगा। पैâसला ठुकराए जाने के बाद तकनीकी वंâपनियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच टकराव बढ़ने का अंदेशा जताया जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि इससे देश की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और आपराधिक मामलों की जांच प्रभावित होगी। हालांकि तकनीकी विशेषज्ञों ने ग्राहकों की निजता और संवेदनशील जानकारी हैकरों से बचाने की दलील देते हुए वंâपनी के रुख का समर्थन किया है। गौरतलब है कि पिछले साल इसी तरह के एक मामले में वंâपनी ने न्यूयॉर्वâ की संघीय अदालत को बताया था कि आइओएस ८ या इससे उन्नत प्लेटफॉर्म पर चलने वाले फोन को अनलॉक करना संभव नहीं है। इस ताजा मामले के मुताबिक बीते साल दो दिसंबर को वैâलिर्फोिनया के सैन बर्र्नािडनो में सैयद रिजवान फारुक और उसकी पत्नी ने गोलीबारी कर १४ लोगों की हत्या कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दंपती को मार गिराया था। फारुक के कब्जे से एक आइफोन५सी मिला था। यह आइओएस ९ प्लेटफॉर्म पर चलता है। एफबीआइ आइएस और अन्य आतंकी संगठनों के साथ दंपती के संपर्कों की पड़ताल कर रही है। पर फोन अनलॉक होने के कारण वह अब तक डाटा खंगालने में नाकाम रही है। लॉस एंजिलिस डिाqस्ट्रक्ट कोर्ट की जज शेरी पाम ने ऐपल को फोन की जांच के लिए तकनीकी मदद मुहैया कराने का आदेश दिया था। जिस पर वंâपनी ने उच्च अदालत जाने की बात कहकर आदेश मानने से इंकार कर दिया।