`इंटेल टैलेंट सर्च’ में भारतीय अमेरिकी छात्र का कब्जा


वािंशगटन । अमेरिका की एक प्रतिाqष्ठत प्रतियोगिता `इंटेल टैलेंट सर्च’ में छह भारतीय-अमेरिकी छात्रों ने अपना कब्जा जमा लिया है। युवा अन्वेषकों के लिए १० लाख अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि वाली अमेरिका की इस प्रतिाqष्ठत प्रतियोगिता के दो अलग अलग वर्गों में पहला स्थान प्राप्त करने समेत शीर्ष स्थानों पर भारतीय-अमेरिकी छात्र का दबदबा बना हुआ है। जहां अमोल पंजाबी `फस्र्ट प्लेस मेडल ऑफ डििंस्टक्शन फॉर बेसिक रिसर्च’ में विजेता और माया वर्मा `फस्र्ट प्लेस मेडल ऑफ डििंस्टक्शन फॉर इनोवेशन’ में विजयी रहीं। `इंटेल साइंस’ की ओर से बीती रात जारी विजेताओं की सूची में सभी तीन वर्गों में ऐसी ही कुछ ाqस्थति दूसरे और तीसरे स्थान के लिए भी रही। मेन के पेज ब्राउन ने `फस्र्ट प्लेस मेडल ऑफ डििंस्टक्शन फॉर ग्लोबल गुड’ का पुरस्कार जीता। `सोसाइटी फॉर साइंस एंड द पाqब्लक’ की अध्यक्ष एवं सीईओ माया अजमेरा ने कहा,“भारतीय अमेरिकी छात्र और इंटेल एसटीएस २०१६ के बाकी के शीर्ष विजेताओं ने दुनिया की समस्याओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की मदद से सुलझाया और भविष्य के लिए जरूरी ऐसे समाधानों की तलाश में वे अग्रणी रहेंगे।” मैसाचुसेट्स के पंजाबी ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया है जो दवा निर्माताओं को वैंâसर और दिल की बीमारी की नई चिकित्सा पद्धतियां विकसित करने में मदद करेगा, जबकि वैâलिर्फोिनया की वर्मा ने पेâफड़े की कार्यप्रणाली के विश्लेषण के लिए स्मार्टफोन आधारित एक ऐसे बेहद सस्ते उपकरण का निर्माण किया है जिससे किसी महंगे यंत्र के समान ही सटीकता से पेâफड़े संबंधी बीमारी के निदान में मदद मिलेगी। इलिनोइस की मीना जगदीसन ने `सेवंâड प्लेस ऑफ डििंस्टक्शन फॉर बेसिक रिसर्च’, पेंसिल्वेनिया के मििंलद जगोटा ने `सेवंâड प्लेस मेडल ऑफ डििंस्टक्शन फॉर इनोवेशन’, वर्जीनिया के कुणाल श्रॉफ ने `थर्ड प्लेस मेडल ऑफ डििंस्टक्शन फॉर बेसिक रिसर्च’ जबकि ओहायो की काव्या रविचंद्रन ने `थर्ड प्लेस मेडल ऑफ डििंस्टक्शन फॉर इनोवेशन’ का पुरस्कार जीता है। इस प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान पाने वाले तीन विजेताओं को डेढ़ लाख डॉलर, दूसरा स्थान हासिल करने वाले तीन विजेताओं को ७५,००० डॉलर की राशि मिली है और तीसरा स्थान हासिल करने वाले तीन विजेताओं को ३५,००० डॉलर की राशि मिली है।