अमेरिका है ताकत में सबसे आगे


वािंशगटन । अमेरिका, रूस, चीन और भारत आज सैन्य क्षमता की दृाqष्ट से संसार के सबसे शक्तिशाली देश हैं।
`ग्लोबल फायरपॉवर’ के आंकड़ों के अनुसार यह रैंिंकग तैयार करने में लगभग ५० कारकों को ध्यान में रखा गया। सागर, थल और वायु युद्ध-क्षमता, सैनिक बजट, प्राकृतिक संसाधनों की बिक्री का पैमाना, देश में कार्यशील बंदरगाहों और हवाई अड्डों की संख्या, सडकों की लंबाई आदि ऐसे कुछ कारक हैं। मानव-संसाधन भी रैंिंकग के लिए एक प्रमुख कारक माने जाते हैं।
इस वर्ष भी संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना शीर्ष स्थान पर रही है और उसके बाद क्रमश: रूस व चीन आते हैं। अमेरिकी सेना सभी दूसरे देशों से कहीं अधिक आगे है। ऐसा मुख्यत: अमेरिकी सैनिक बजट के आकार के कारण है. अकेले अमेरिका का र्वािषक सैनिक बजट उसके बाद आने वाले पांच देशों के अगले साल के पांच साल के कुल बजट से भी अधिक है।
`ग्लोबल फायरपॉवर’ के आंकड़ों के अनुसार रूस के पास अमेरिका से लगभग दो गुना अधिक टैंक हैं ८,८४८ की तुलना में १५,३९८। अमेरिका जेट विमानों की संख्या में रूस से आगे है, रूस के ३,५४७ के मुकाबले में अमेरिका के पास १३,४४४ विमान हैं। मल्टीपल लांच राकेट प्रणालियों की संख्या में चीन अमेरिका से आगे है, लेकिन रूस से पीछे।