अमेरिका यात्रा की योजना बना रहे चीनी राष्ट्रपति


बीिंजग। चीनी राष्ट्रपति शी जिनिंफग प्रमुख देशों के रिश्तों के `नए माडल’ को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। चीनी अधिकारियों का कहना है कि एशिया-प्रशांत सैन्य दबाव बना कर अमेरिका चीन के बढ़ते प्रभाव को थामने का प्रयास कर है। अमेरिका में चीन के राजदूत कुई तियानकई ने सरकारी दैनिक `चाइना डेली’ को बताया कि शी की पहली विदेश यात्रा के तहत उनके अमेरिका दौरे को लेकर तैयारियां की जा रही हैं जो इस साल होगी। कुई ने बताया कि अभी इसके लिए तिथि की घोषणा नहीं की गई है लेकिन शी की संभावित यात्रा को लेकर चीन और अमेरिका के बीच चर्चा जारी है। उन्होंने उल्लेख किया कि मतभेद के बावजूद दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में कई सफल उच्च स्तरीय वार्ताएं हुई हैं। कुई ने कहा कि इस साल भी हम इस तरह के संपर्वâ जारी रखने के इच्छुक हैं और इसमें शायद हमें ज्यादा सफलता भी मिले। मार्च २०१३ में कार्यभार संभालने के बाद शी की यह संभावित यात्रा व्हाइट हाउस की उनकी पहली यात्रा होगी। जून २०१३ में वैâलिर्फोिनया में हुए अनौपचारिक सम्मेलन और पिछले साल बीिंजग में नवंबर में एशिया-प्रशांत र्आिथक सहयोग (एपेक) सम्मेलन से इतर हुई बैठक के बाद यह ओबामा और शी के बीच नवीनतम वार्ता होगी। अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका ने इस साल शी को राजकीय यात्रा पर आमंत्रित किया है।
शी के दौरे को लेकर चीनी विशेषज्ञों का कहना है कि एशियाई रणनीति के “पुनर्संतुलन” को आगे भी बढ़ावा देने की अमेरिकी मंशा के बावजूद चीन “प्रमुख देशों के साथ संबंधों के नए मॉडल” को बढ़ावा देना जारी रखेगा। पिछले महीने ओबामा ने जब भारत की दूसरी अभूतपूर्व यात्रा की थी तब चीनी मीडिया ने इसे चीन के बढ़ते प्रभाव को थामने के प्रयास बताते हुए उसपर तीखी प्रतिक्रिया की थी। अमेरिका में चीन के पूर्व राजदूत झोउ वेनझोंग का कहना है कि चूंकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय बेहद जटिल ाqस्थति का सामना कर रहा है। ऐसे में स्वस्थ चीन-अमेरिका संबंध दुनिया में ाqस्थरता लाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।