अमेरिका में भारतीय पर हमला करने वाला पुलिस अधिकारी गिरफ्तार


वािंशगटन। अमेरिका के अलबामा में एक भारतीय सुरेश भाई पटेल के खिलाफ कथित रूप से बलप्रयोग करने वाले दो पुलिस अधिकारियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बात की भी जांच की जाएगी कि क्या इस मामले में संघीय कानूनों का उल्लंघन हुआ है।
मेडिसन शहर के पुलिस प्रमुख लैरी मुंसे ने पीड़ित सुरेशभाई पटेल से माफी मांगते हुए कहा कि पेâडरल ब्यूरो ऑफ इन्वोqस्टगेशन (एफबीआई)भी इस मामले की जांच करेगा। पटेल पिछले सप्ताह सड़क के किनारे टहल रहे थे तभी दो पुलिस र्किमयों ने उन्हें रोका। पटेल अंग्रेजी नहीं जानते है इसलिए वह उनके सवालों का जवाब नहीं दे पाए जिसके बाद पुलिसर्किमयों ने उन पर कथित तौर पर बल प्रयोग किया। जिसके कारण वह आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हो गए। पटेल एक दिन पहले ही अमेरिका आए थे ताकि वह अपने १७ माह के पोते की देखभाल में अपने बेटे और बहू की मदद कर सवेंâ।
मुंसे ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”मैं पटेल, उनके परिवार और हमारे समुदाय से दिल से माफी मांगता हूं। हम अपेक्षाओं को पूरा करने की कोशिश करते हैं।” उन्होंने घटना की ऑडियो और वीडियो रिकॉा\डग जारी करने के बाद कहा कि इसके अलावा एफबीआई भी साथ साथ जांच कर यह पता लगाएगा कि इस मामले में संघीय कानूनों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। मुझे जांच से पता लगा कि पार्वâर की कार्रवाई उच्च मानकों और मेडिसन शहर पुलिस विभाग की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं थी। उन्होंने अधिकारी को बर्खास्त करने का प्रस्ताव रखा है। पार्वâर को थर्ड डिग्री के बलप्रयोग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
इस संबंध में दायर मुकदमे के अनुसार, यह घटना छह फरवरी की सुबह की है जब पटेल अपने पड़ोस में पुâटपाथ पर टहल रहे थे। उन पर एक पुलिस अधिकारी ने बिना किसी उकसावे के हमला किया। वीडियो में पटेल पुâटपाथ पर चलते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने बताया था कि उन्हें एक फोन कॉल आई थी कि एक व्यक्ति घरों में और गैराज में ताकझांक कर रहा है जिसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी लेकिन वीडियो में दिख रहा है कि पटेल किसी भी घर या गैराज में ताक– झांक नहीं कर रहे थे।
इस वीडियो में दो पुलिस अधिकारी पटेल के पास आते दिख रहे हैं। वे पटेल से उनका नाम, पता और पहचान पत्र आदि के बारे में पूछ रहे हैं। पटेल यह कहते सुनाई दे रहे है कि “अंग्रेजी नहीं आती” और अपने बेटे के घर की ओर इशारा कर रहे हैं। इसके तुरंत बाद एक पुलिस अधिकारी पटेल को जमीन पर गिराते और उन पर बल प्रयोग करते दिख रहा है जिसकी पहचान बाद में पार्वâर के रूप में हुई। इस समय बिल्कुल ऐसा लगता है कि पटेल वस्तुत: सदमे के कारण लकवाग्रस्त हो गए। पटेल के वकील हेनरी एफ शेरोड ने बताया कि बाद में जब पुलिस अधिकारियों ने पटेल को पैदल चलाने की कोशिश की तो वह स्वयं खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। वह आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हो गए हैं और उनका शहर के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। विश्व भर में भारतीय समुदाय ने इस घटना की कड़ी िंनदा की है।
इस बीच पटेल के उपचार में उनके परिवार की वित्तीय मदद करने के मकसद से धन एकत्र करने के लिए एक ऑनलाइन मुहिम शुरू की गई। इस मुहिम के तहत गुरुवार शाम तक करीब १२,००० डॉलर एकत्र किए गए। यह राशि पटेल के परिवार को दी जाएगी। साउथ एशियन अमेरिकन्स लििंवग टूगेदर (एसएएएलटी) ने इस घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए एक बयान जारी किया है जिसमें उसने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है। न्यूयार्वâ में भारतीय अमेरिकी अटॉर्नी रवि बत्रा ने कहा कि स्थानीय मेडिसन पुलिसकर्मी ने अपने पद का अपमान किया है और सुरेश भाई के संघीय नागरिक अधिकारों का उल्लंघन किया है।