अमरीका को रूस और चीन से सबसे बड़ा साइबर खतरा


वािंशगटन। अमरीका को रूस और चीन से सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा है लेकिन ईरान भी इस दिशा में अपनी क्षमताओं में इजाफा करने का प्रयास कर रहा है। अमरीकी सेना की साइबर कमान के प्रमुख और नौसेना एडमिरल ने कांग्रेस के समक्ष अपनी यह िंचता जाहिर की है। एडमिरल माइकल रोजर्स ने सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति को बताया कि अमरीका की कुल सैन्य ताकत इन तीनों देशों से कहीं अधिक है लेकिन साइबर आयुधों की जब बात आती है तो यह फासला कम हो जाता है। उन्होंने कहा कि अमरीकी साइबर कमान साइबर मिशन टीमों के गठन के साथ इस दिशा में आगे बढ़ रही है और सितंबर २०१८ तक इसकी १३३ पूर्ण संचालित इकाइयां होंगी। उन्होंने बताया कि करीब १०० टीमें पहले ही साइबर स्पेस अभियानों पर काम कर रही हैं।
रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने इराक और सीरिया में साइबर आयुधों के इस्तेमाल को बढ़ाया है और विभाग की साइबर क्षमताओं में इजापेâ को उन्होंने एक प्रमुख लक्ष्य बनाया है। इसी के तहत वह साइबर कमान को पूर्ण, स्वतंत्र सैन्य कमान के रूप में विकसित किए जाने पर विचार कर रहे हैं। इस समय अमरीकी साइबर कमान सेना की सामरिक कमान की एक उप इकाई है। कल हुई बैठक में रोजर्स ने सीनेटर को बताया कि पूर्ण कमान होने से उनकी इकाई के कामकाज में तेजी आएगी और इससे मिशन के बेहतर नतीजे मिलेंगे। उन्होंने साथ ही कहा कि इससे उन्हें बजट प्रक्रिया में अधिक तव्वजो मिलेगी और यह निर्धारण करने का मौका मिलेगा कि बजट को किस प्रकार खर्च किया जाए। एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी ने कल कहा कि कार्टन का यह मानना है कि साइबर कमान को पूर्ण कमान के रूप में विकसित करना फायदेमंद होगा।