अफगानिस्तान को तालिबान की सूची सौंपेगा पाक, शांति प्रक्रिया होगी बहाल


काबुल । मंगलवार से इस्लामाबाद में शुरू हो रही बैठक में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन और अमेरिका शांति वार्ता का रोडमैप तैयार करेगें। बैठक में पाकिस्तान, अफगानिस्तान को तालिबान की सूची सौपेगा। बैठक में तालिबान शामिल नहीं होगा। मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला के उप प्रवक्ता जावेद पैâजल ने कहा है कि पाकिस्तान की सूची में वो तालिबानी लोग शामिल हैं जो काबुल से बात करना चाहते हैं और नहीं चाहते हैं। पाकिस्तान इस बात पर सहमत हो गया है कि वो पाकिस्तान के क्वेटा और पेशावर शहरों में ाqस्थत तालिबानी लडावूâओं को वित्तीय सहायता देना बंद कर देगा। समझौते में ‘आतंकवाद को नष्ट करने पर द्विपक्षीय सहयोग’ को भी शामिल किया जाएगा।
पाकिस्तान हमेशा से ही अफगानिस्तान और अमेरिका के इन आरोपों को खारिज करता रहा है कि वह अफगानिस्तान वाले तालिबान को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। हक्कानी ग्रुप को सहायता देने के लिए सीआईए सार्वजनिक तौर पर पाकिस्तान की आलोचना कर चुका है जो एक तालिबानी आतंकवादी संगठन है। इस्लामाबाद में शुरू होने वाली बातचीत उस प्रक्रिया को पुनर्जीवित कर सकती है जो पिछली र्गिमयों में तब रूक गई थी जब अफगानिस्तान ने यह घोषणा की थी कि तालिबान के संस्थापक मुल्ला मोहम्मद उमर की दो वर्ष पूर्व ही पाकिस्तान के एक अस्पताल में मृत्यु हो चुकी है। और इसकी घोषणा होते ही तालिबान ने बातचीत की प्रक्रिया में भाग नहीं लिया था। हालिया महीनों काबुल के साथ पाकिस्तान के संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी ने पिछले महीने ही इस्लामाबाद में हुई क्षेत्रीय बैठक में हिस्सा लिया था जिसे अफगानिस्तान-तालिबान शांति वार्ता की बहाली के रूप में देखा गया था। इस बैठक में अमेरिका और चीन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे।