विश्व की सबसे बड़ी 800 किलो वजनी गीता ग्रंथ की छपाई सोने से


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नई दिल्ली । इस्कॉन के संस्थापक स्वामी प्रभुपाद द्वारा गीता की टीका के इस वर्ष 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर इस काम से जुड़े भक्तिवेदांत बुक ट्रस्ट ने दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक ग्रंथ के रूप में गीता को वृहदाकार में छापने का निर्णय लिया था। विश्व की सबसे बड़ी श्रीमद् भागवत गीता इन दिनों इटली के मिलान शहर में प्रिंट हो रही है। 800 किलो वजन की इस गीता की लंबाई 9 फुट, चौड़ाई 6 फुट और ऊंचाई 10 फुट होगी। कवर को मजबूत बनाने के लिए इसमें धातु का उपयोग किया जा रहा है। गोल्ड प्लेटनियम जैसी कीमती धातुओं से इसे स्क्रीन प्रिंट से प्रिंट किया जा रहा है।

670 पन्नों की इस भागवत गीता की किताब को फटने से बचाने के लिए विशेष सिंथेटिक कागज का उपयोग किया जा रहा है। यह कागज पानी से भी गीला नहीं होगा गीता को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया जाएगा। यह ग्रंथ कार्तिक माह में दिल्ली में आ जाएगी। इस ग्रंथ का दिल्ली सेंटर में प्रदर्शित होगी। इसके बाद इसे देश के अन्य इस्थान मंदिरों में भी दर्शनों के लिए ले जाया जाएगा।
डेढ़ करोड़ में तैयार होगी गीता

श्रीमद्भागवत गीता के प्रकाशन में 2 लाख 20 हजार डॉलर जो भारतीय मुद्रा में लगभग डेढ़ करोड़ रुपए होते हैं। खर्च अनुमानित हैं। देश भर से इस्कान मंदिर के भक्तों ने इसके लिए राशि एकत्रित की थी।