बिना जटिल सर्जरी उज्बेक बच्चे की जिंदगी बचाई


नई दिल्ली। बीएलके सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के बाल चिकित्सा कार्डियोलॉजिस्ट ने उज्बेकिस्तान के सात वर्षीय बच्चे की जिंदगी को बिना जटिल सर्जरी के बचाने में सफलता पाई है।

महज 21 किलो वजन वाले इस लड़के को निचले अंगों में भारी दर्द और असुविधा की समस्या के साथ भर्ती कराया गया था। लड़का चलने के दौरान लंबे समय तक थकान का अनुभव कर रहा था।

बीएलके सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल में बाल चिकित्सा कार्डियोलॉजी के चिकित्सक डॉ. गौरव अग्रवाल ने जांच में पाया कि बच्चे के दिल में छेद था, जिसे वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (वीएसडी ) और गंभीर कॉआर्कटेशन ऑफ एऑर्टा (सीओए) के रूप में जाना जाता है, जो शरीर के निचले हिस्से में रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनी का गंभीर संकुचन है, जिससे वह बुरी तरह प्रभावित हो रहा था।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि चूंकि मरीज का वजन कोआर्कटेशन ऑफ एऑर्टा की स्टेंटिंग के लिए उपयुक्त नहीं था, इसलिए वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (वीएसडी) के पास डिवाइस के साथ कोआर्कटेशन की बैलूनिंग की योजना बनाई गई।

डॉ. अग्रवाल ने कहा, “फिमोरल आर्टरी, जो ग्रोइन में स्थित होती है, वह दिल से जुड़ी होती है। जांच के दौरान यह पाया गया है कि सबक्लाविन आर्टरी की शुरुआत के बाद उसका एऑर्टा बहुत ज्यादा संकरा है, साथ ही साथ दिल में एक छेद (3.5-4 मि.मी. वीएसडी) भी था। हमने सबसे पहले बैलून का इस्तेमाल करके संकरी वाहिनी को फैलाया और उसे अच्छी तरह से फैलाने के बाद हम एक अम्ब्रेला बटन डिवाइस का इस्तेमाल करके वीएसडी के निकट जाने की ओर बढ़े।”

डॉ. अग्रवाल ने कहा, “इकोकार्डियोग्राफी के साथ ही फ्लूरोस्कोपी में डिवाइस लगाने के काम को सुनिश्चित किया गया और फिर रिलीज कर दिया गया। इस प्रक्रिया से, हम एक ही बार में उसकी दोनों समस्याओं को हल करने में सक्षम हुए, दिल में छेद साथ ही साथ संकरी आर्टरी को फैलाना। यह मामला इस तथ्य की गवाही है कि उन्नत प्रक्रियाओं और इंटरवेंशंस से, बच्चे जटिल हार्ट सर्जरी के बिना ही दिल की बीमारियों से निजात पा सकते हैं।”

इस प्रक्रिया के 24 घंटों के बाद लड़के को छुट्टी दे दी गई। अब उसके लक्षण कम हो गए हैं। वह अब बिना किसी दर्द के चल रहा है और एक सामान्य सक्रिय जीवन जी रहा है।

– आईएएनएस