पहले मुर्गी आई या अंडा, क्वांटम फिजिक्स ने सुलझाई पहेली


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सिडनी । सदियों से यह सवाल बच्चों, बड़ों और विशेषज्ञों को परेशान करता रहा है कि पहले मुर्गी आई थी या अंडा। कभी न कभी हर किसी से यह सवाल जरूर पूछा जाता है। इस सवाल पर कभी कोई एक मत नहीं रहा।

ऑस्ट्रेलिया में क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों और फ़्रांस में एनईईएल संस्थान ने क्वांटम फिजिक्स की मदद से इसे साबित करने का दावा किया है। अगर जवाब में मुर्गी कहा जाए, तो सवाल होगा कि मुर्गी जिस अंडे से निकली वो कहां से आया। पूरी बहस इसी में उलझकर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती है।

मगर अब ऑस्ट्रेलिया में क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों और फ़्रांस में एनईईएल संस्थान ने क्वांटम फिजिक्स की मदद से इसे साबित करने का दावा किया है। क्वांटम फिजिक्स के अनुसार अंडे और चिकन दोनों ही पहले आए हैं। क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी में एआरसी सेंटर ऑफ एक्सिलेंन्स फॉर क्वांटम इंजीनियरिंग सिस्टम के भौतिक विज्ञानी जैकी रोमेरो ने कहा कि क्वांटम मैकेनिक्स का मतलब यह है कि ये किसी तय नियमित क्रम के बिना हो सकती है। वह कहते हैं कि हमारे शोध में दोनों ही चीजें पहले हो सकती हैं। इसे ‘अनिश्चितता के कारणों का क्रम’ माना जाता है, इसे हम अपने दैनिक जीवन में नहीं देखते हैं।

वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में इस प्रभाव को देखने के लिए फोटोनिक क्वांटम स्विच नामक एक कॉन्‍फिगरेशन का इस्तेमाल किया। रोमेरो ने बताया कि क्वांटम स्विच के साथ हमारे शोध में दो घटनाओं का क्रम जिस पर निर्भर करता है उसे कंट्रोल कहते हैं। कंप्यूटर के बिट्स का उदाहरण लीजिए जिसका वैल्यू 0 या 1 होता है। हमारे शोध में, यदि कंट्रोल वैल्यू 0 है तो ‘बी’ से पहले ‘ए’ होता है और यदि कंट्रोल वैल्यू एक है तो ‘ए’ से पहले ‘बी’ होगा।

क्वांटम फिजिक्स में हमारे पास सुपरपोजिशन (एक के ऊपर दूसरी चीज को बैठाने की प्रक्रिया) में बिट्स हो सकते हैं, जिसका मतलब है कि उनकी वैल्यू एक ही समय में 0 और 1 है। इसलिए, एक निश्चित अर्थ में हम कह सकते हैं कि बिट्स की वैल्यू अपरिभाषित है। और कंट्रोल के अनिश्चित वैल्यू की वजह से जो ऑर्डर तय करता है, हम कह सकते हैं कि ‘ए’ और ‘बी’ घटनाओं के बीच अपरिभाषित ऑर्डर है।

आम तौर पर यह कहना कि ‘बी’ से पहले ‘ए’ होता है या ‘ए’ से पहले ‘बी’ होगा, इनमें से केवल एक ही सत्य हो सकता है। लेकिन क्वांटम फिजिक्स में वास्तविकता अलग है। यदि ये दो अभिव्यक्तियां सच हो सकती हैं तो हमें वह मिलता है जिसे हम अपरिभाषित अस्थिर ऑर्डर (क्रम) के रूप में जानते हैं। परिवर्तन की कई संभावनाएं होती हैं लेकिन इस रूपांतरण और ध्रुवीकरण विकल्प के परस्पर संबंध की भी एक सीमा होती है। शोध के दौरान हमने उस सीमा को तोड़ दिया और फिर हम इस नतीजे पर पहुंचे कि ‘ए’ और ‘बी’ के बीच एक अनिश्चित ऑर्डर है।

यह शोध एक सिद्धांत का प्रमाण है, लेकिन बड़े स्तर पर इसके वास्तविक उपयोग हो सकते हैं, जैसे कि कंप्यूटर को और अधिक सक्षम बनाना या संचार में सुधार करना। रोमेरो ने कहा कि वियना में एक शोध किया गया जिसमें यह प्रदर्शित किया गया कि एक प्रकार की गणना में इस अनिश्चित ऑर्डर के फायदे हैं। वास्तव में आम तौर पर किसी गणना में दो कणों का होना आवश्यक है लेकिन क्वांटम स्विच के साथ केवल एक ही कण से इसे किया जा सकता है। यह शोध सोसाइटी ऑफ अमरीकन फिजिक्स मैगजीन फिजिकल रिव्यू जर्नल- अमरीकन फिजिकल सोसाइटी में प्रकाशित किया गया है।