चिकित्सा विज्ञान की श्रेष्ठता को पछाड़ २७ साल बाद कोमा से लौटी महिला


संयुक्त अरब अमीरात की एक महिला ने चिकित्सा विज्ञान की प्रधानता को धता बताते हुए २७ साल बाद अपनी चेतना को वापस पा लिया है।

नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात की एक महिला ने चिकित्सा विज्ञान की प्रधानता को धता बताते हुए २७ साल बाद अपनी चेतना को वापस पा लिया है। दरअसल महिला २७ साल पहले एक सड़क हादसे का शिकार हो गई थीं। दिमाग में गंभीर चोट लगने से वह कोमा में चली गई थीं। मुनिरा अब्दुल्ला का वर्ष १९९१ में सड़क दुर्घटना में जख्मी होने के बाद वह सालों तक अचेत रहीं। घटना के २७ साल बाद जून २०१८ में पहली बार अब्दुल्ला ने जर्मनी के एक क्लिनिक में अपनी आंखें खोलीं। डॉक्टर वहां सालों से उनका उपचार कर रहे थे। महिला के ३२ वर्षीय बेटे ओमर ने कहा, ‘मैंने उनको लेकर कभी हार नहीं मानी, क्योंकि मुझे हमेशा ऐसा लगता था कि एक दिन वह जरूर उठकर बैठेंगी।’ महिला के साथ जब यह हादसा हुआ तब ओमर चार साल के थे।

डॉक्टर मुलर ने कहा कि महिला के चमत्कारिक रूप से ठीक होने का पहला संकेत पिछले साल दिखाई पड़ा, जब अब्दुल्ला ने अपने बेटे का नाम लेना शुरू किया है। पहले तो हमें विश्वास नहीं हुआ, लेकिन आखिर में यह साफ हो गया कि वह अपने बेटे का ही नाम ले रही थीं।’ डॉक्टरों ने कहा कि उसके २ हफ्ते बाद महिला कुरान की आयतें दोहराने लगी, जो उन्होंने दशकों पहले सीखी थीं। अब्दुल्ला जैसे केस में ठीक होने की उम्मीद बेहद कम रहती है। ऐसे चंद लोग ही हैं, जो इस अवस्था में स्वस्थ हो पाए हैं। ऐसा एक मशहूर केस टेरी वॉलिस का है, जिन्होंने कोमा में जाने के दो दशक बाद पहला शब्द ‘मॉम’ बोला था। मुनिरा अब्दुल्ला संयुक्त अरब अमीरात लौट चुकी हैं और अबू धाबी में उनका इलाज चल रहा है।

– ईएमएस