#TikTok के चाहकों के लिये बुरी खबर, अदालत ने कहा बंद हो इसका उपयोग


(PC : growthtower.com)

वर्तमान दौर में इंटरनेट और मोबाईल के बढ़ते चलन से जहां लोगों को लाभ पहुंच रहा है, वहीं उससे जुड़े दूषणों के कारण व्यक्तिगत रूप सें लोगों और समग्रता में समाज को कई प्रकार के नुकसान भी उठाने पड़ रहे हैं। ऑनलाईन गेम्स और कोन्टेन्ट एप्लीकेशन्स की लत के प्रतिकुल परिणाम भी सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में चीनी बनावट की लोकप्रिय एप टिकटॉक पर मद्रास हाईकोर्ट की मदुराई बैंच ने अपनी आंखें तरेरी हैं। टिकटॉक के भारत में दस करोड़ से भी अधिक यूजर्स हैं।

अदालत ने बुधवार को एक अंतरिम आदेश पारित करते हुए केंद्र सरकार से कहा है कि टिकटॉक का उपयोग देश में बंद होना चाहिये और मोबाईल यूजर इस एप को डाऊनलोन न कर सकें इसके लिये आवश्यक कदम उठाये जाने चाहिये। अदालत ने मीडिया कंपनियों से भी कहा है कि वे टिकटॉक के वीडियो न दिखाएं।

बता दें कि इंडोनेशिया और बांग्लादेश की सरकारों ने पहले ही टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा दिया है। उधर अमेरीकी सरकार ने बच्चों को साइबर क्राइम के शिकार बनने से बचाने के लिये ‘चिल्ड्रन ऑनलाईन प्राईवेसी एक्ट’ पास किया है।

अदालत ने समीक्षा करते हुए कहा है कि टिकटॉक जैसे एप्स पर अश्लील और आपत्तिजनक कन्टेन्ट उपलब्ध कराया जाता है और भारतीय संस्कृति की प्रतिष्ठा को हानि पहुंचाते हैं। जस्टीस किरुबाकरन ने कहा कि ऐसे एप्स के जरिये यह संभावना बनी रहती है कि बच्चे अनजान लोगों के संपर्क में आएं और वे लालच दिये जाने पर बहक जाएं। कई लोग ऐसे हादसों के शिकार हुए हैं और आत्महत्या तक की नौबत हाई है। अदालज ने अपने आदेश में कहा कि सरकार का सामाजिक दायित्व है कि वह इस प्रकार की एप्लीकेशन्स पर नियंत्रण रखे और लोगों को इसका उपयोग करने से रोके। इस मामले में आगे की सुनवाई १६ अप्रेल को होगी।