फेक न्यूज के खिलाफ बीबीसी की स्पेशल कवरेज


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नई दिल्ली । बीबीसी न्यूज ने सितंबर महीने से भारत में खास कवरेज शुरू की है। इस कवरेज के दौरान अगले कई महीनों तक भारत में फेक न्यूज का हल खोजने की कोशिश के साथ ही भारत के दुनिया की अगली विश्व शक्ति बनने की संभावना के अलावा अन्य मुद्दों पर बात होगी।

नवंबर में एक हफ्ते का स्पेशल सीजन भी चलाया जाएगा, जिसमें फेक न्यूज और ‘ग्लोबल मीडिया लिटरेसी’ पर कई आयोजन होंगे। इस दौरान भारत के युवा, दुनिया भर के दर्शकों के साथ अपने विचार साझा करेंगे और भविष्य की संभावनाओं पर बात करेंगे।

बीबीसी भारतीय भाषाओं की प्रमुख रूपा झा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “बीबीसी ने चार नई भाषाओं में काम शुरू किया है। भविष्य में कोशिश यह है कि जिन नई भाषाओं में काम शुरू किया है, उसे मुकम्मल करें और आधार बढ़ाएं। इसके साथ ही औरतों और नौजवानों को जोड़ने की कोशिश होगी। यह भी कोशिश होगी कि हम उनके लिए प्रासंगिक हो सकें। इसके लिए हम लगातार ऑन ग्राउंड एक्टीविटी कर रहे हैं।”

‘वल्र्ड 2020 प्रोजेक्ट’ के तहत भारत में बीबीसी ने हाल में चार भारतीय भाषाओं गुजराती, मराठी, पंजाबी और तेलुगू में अपनी सेवाएं शुरू की है।

बीबीसी ने एक बयान में कहा कि बीबीसी न्यूज 12 नवंबर को एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन करेगा जिसमें दिल्ली, लंदन और नैरोबी के युवा लाइव प्रसारण के जरिए सीधे जुड़ेंगे। इस दौरान भारतीय स्कूलों के लिए बीबीसी के कई प्रोजेक्ट्स की भी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा चैटऐप्स पर खबरें साझा करने की चुनौतियों को लेकर भी युवाओं से बात होगी।

इसके अलावा भारत में अगले साल आम चुनाव होने वाले हैं इसलिए बीबीसी न्यूज चुनाव प्रचार के दौरान किए जाने वाले बड़े दावों और रिपोर्टों की रोजाना ‘फैक्ट-चेकिंग’ करेगा। बीबीसी रियलिटी चेक खबरों की जांच करेगी।

बीबीसी वल्र्ड सर्विस ग्रुप के निदेशक जेमी एंगस ने कहा, “बीबीसी वल्र्ड सर्विस का मिशन अंग्रेजी और अन्य भाषाओं में विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता वाली खबरें देना है। फेक न्यूज की चुनौती से निपटने के लिए हम स्थानीय संस्थाओं और भारत के युवाओं के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।”

उल्लेखनीय है कि बीबीसी वल्र्ड सर्विस का न्यूज कंटेंट अंग्रेजी और 41 अन्य भाषाओं में पढ़ा, देखा और सुना जा सकता है। ये रेडियो, टीवी और डिजिटल माध्यमों से प्रसारित किया जाता है।

-आईएएनएस