जिन दंपत्तियों को चादर शेयर करने में दिक्कत आती है उनके लिये ‘स्लीप डिवॉर्स’ है उपाय


(PC : EMS)

स्लीप डिवॉर्स बचा सकता है दांपत्य जीवन, बडी संख्या में लोग चाहते हैं इस तरह का डिवोर्स

न्यूर्याक (ईएमएस)। दुनियाभर में बहुत से दंपति हैं जिन्हें बेड के साथ-साथ चादर शेयर करने में समस्या होती है। इसके कई कारण हो सकते हैं लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि इन छोटी-छोटी वजहों से खराब होते रिश्ते को बचाने का सबसे आसान हल है स्लीप डिवॉर्स।

अमेरिका में साल 2010 में नैशनल स्लीप फाउंडेशन की ओर से करवायी गई एक स्टडी के मुताबिक करीब एक चौथाई शादीशुदा जोड़ों ने स्लीप डिवॉर्स फाइल किया था। यह वह व्यवस्था है जिसमें आपको अपने पार्टनर से अलग सोने की इजाजत मिल जाती है। हालांकि करीब 3 हजार अमेरिकियों पर किए गए एक सर्वे के नतीजे बताते हैं कि बड़ी संख्या में अमेरिका के शादीशुदा लोग स्लीप डिवॉर्स चाहते हैं लेकिन पार्टनर के सामने इस टॉपिक को लाने में उन्हें डर लगता है।

स्लीप प्रॉडक्ट रिव्यू वेबसाइट मैट्रेस क्लारिटी की ओर से जारी किए गए डेटा के मुताबिक अमेरिका के 30,9 प्रतिशत लोग अपने पार्टनर से अलग सोना चाहते हैं। इसके अलावा करीब 10 प्रतिशत लोग ऐसे भी थे जिन्होंने अपना पिछला रिश्ता सोने से जुड़े मुद्दों की वजह से ही खत्म किया था। इस डेटा की एक और हैरान करने वाली बात यह थी कि करीब 41,4 प्रतिशत अमेरिकियों का पार्टनर से अलग दूसरे रूम में सोने का फैसला आपसी सहमति से लिया गया था लेकिन वे अपने परिवार या दोस्तों के सामने इस बात को जाहिर करना नहीं चाहते थे।

सर्वे के नतीजों से यह भी पता चला कि जहां 40 प्रतिशत पुरुष पार्टनर से अलग बेड स्पेस चाहते थे वहीं अलग बिस्तर चाहने वाली महिलाओं की संख्या 38 प्रतिशत थी। बता दें कि दुनियाभर में बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें रात में चैन की नींद पाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती है और ऊपर से अगर आपका पार्टनर रात को जोर-जोर से खर्राटे लेता हो या फिर सोते समय चादर खींच लेता हो तो और भी मुश्किल है। इस परेशानी से बचने का यह एक अच्छा तरीका हो सकता है।