PUBG के निर्माताओं ने बच्चों के लिए बनाया नया नियम


(Photo Credit : change.org)

आजकल युवाओं तथा किशोरों के साथ-साथ 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में भी गेम्स तथा मोबाइल का काफी चलन देखा जा रहा है। अभी लोकप्रिय मल्टीप्लेयर रॉयल गेम प्लेयर अननोनस बैटल ग्राउंड्स (PUBG) जो कि ना सिर्फ युवाओं तथा किशोरों अथवा बच्चों के बीच भी बहुत चलन में है। इसके चलते कई लोग इसका विरोध भी जता रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि ये बच्चों में लड़ाई की भावना उत्पन्न करता है तो कई कहते हैं कि छोटे बच्चों की मानसिकता पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है। ऐसे में PUBG नें हाल में एक नया नियम लागु किया है।

अब PUBG ने 13 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों के लिए एक डिजिटल लॉक स्थापित किया है। यानी 13 साल से कम उम्र के यूजर्स को गेम खोलने के लिए गार्जियन से अनुमति लेनी होगी। इस बेन को अभी चीन में लागू किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार Tencent ने खेल में PUBG खिलाड़ियों पर एक रिस्ट्रीक्षन लगा दी है। खिलाड़ी की उम्र की पुष्टि करने के लिए Tencent फेस रिकग्निशन और आईडी चेक जैसी तकनीकों का उपयोग करता है। Tencent ने छोटे बच्चों पर पड़ते दुष्प्रभाव पर सहमती जताते हुए यह निर्णय लिया। इस निर्णय के पूर्णतः लागू होने के पश्चात 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चे केवल गार्जियन की अनुमति के पश्चात ही PUBG खेल सकेंगे।

इससे पहले, PUBG Corporation ने हैकर्स और चीटर्स पर लगाम लगाने के लिए मशीन लर्निंग प्रोग्राम शुरू किया था। एंटी चीट स्क्वाड ने इसे स्टीम पर अपडेट किया है और इसमें कई विषयों को शामिल किया है। यह बताया गया है कि PUBG मोबाइल गेम में छेड़छाड़ करने वाले चीट प्रोग्राम्स को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

रिपोर्ट में मशीन लर्निंग का भी उल्लेख किया गया है और यह लिखा गया है कि सभी विवरण साझा नहीं किए जा रहे हैं, ताकि प्रक्रिया के बारे में सभी जानकारी नहीं मिल सके। रिपोर्ट में समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है जो गेमर्स को PUBG खेलते समय झेलनी पड़ रही है और इसके संभावित समाधानों का भी उल्लेख किया गया है। PUBG एंटी-चीट स्क्वाड अब चीटर और गेम हैकर्स पर लगाम लगाने के लिए काफी तैयारी कर रही है। मौजूदा समाधानों में कई बदलावों के कारण अनधिकृत प्रोग्राम डिटेक्शन सिस्टम को भी प्रभावित किया जा रहा है।