PM मोदी सोशल मीडिया छोडें या ना छोड़ें पर बच्चों को छोड़ देना चाहिये


सोशल मीडिया का ज्यादा असर बच्चों पर, रोजाना तीन घंटे बीता रहे बच्चे

लंदन (ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को एक ट्वीट करके सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी कि वे रविवार को प्रमुख सोशल मीडिया माध्यम जैसे कि ट्वीटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब छोड़न का विचार कर रहे हैं। उन्होंने इसके लिये रविवार का भी उल्लेख किया। ऐसे में अटकलें हैं कि वे इस संबंध में रविवार को कुछ अपडेट देंगे।

पीएम सोशल मीडिया छोड़ते हैं या नहीं ये तो आने वाले दिनों में पता चल जायेगा। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है सोशल मीडिया का बच्चों पर काफी प्रतिकुल प्रभाव पड़ रहा है।बच्चे अपना ज्यादा समय सोशल मीडिया पर बिता रहे हैं। शोध के आकड़ों के अनुसार, आठ में से एक बच्चा हर रोज करीब 3 घंटे सोशल मीडिया पर बिताता है। चिंताजनक बात ये है कि यह आकड़ें चार साल में दौगुने तरीके से बढ़े है। जिसमें लड़कियों की संख्या लड़कों से अपेक्षा ज्यादा है।

वहीं ओएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार 10 साल तक की लड़कियां जो एक घंटे से ज्यादा का समय बिताती हैं वे किशोरावस्था में ज्यादा नाखुश रहती है। ऑफिस फॉर नेशनल स्टेटिस्टिक्स ने 2011-2012 में और 2015-2016 में 10-15 साल तक के बच्चों की ऑनलाइन क्रियाओं का सर्वे किया। शोध में इस बात का खुलासा हुआ कि जो लड़कियां हर रोज एक घंटे सोशल मीडिया पर बिताती है उन्हें दिमागी परेशानियां होने की संभावना रहती है।

डॉ कारा ब्रुकर का कहना है कि हमें बच्चों की सोशम मीडिया गतिविधियों और उसमें बिताने वाले समय पर ध्यान देना चाहिए। बच्चों को ज्यादा से ज्यादा बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ कि लड़कों के सोशल मिडिया पर सक्रिय होने के आकड़ों में काफी बढ़ोतरी हुई। तीन घंटे से ज्यादा सोशल मीडिया पर बिताने वाले लड़कों में 4.9 से 8.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। 2011-2012 में 4410 बच्चों पर सर्वे किया गया। वहीं 2015-2016 पर 3616 बच्चों पर सर्वे किया गया था।