मिलीये सबसे छोटी उम्र वाईल्ड-लाईफ फोटोग्राफर का खिताब अर्जित करने वाले जीवितेश से


12 वर्षीय कक्षा 7, डी ए वी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी  जीवितेश सिंह ने वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी मात्र 4 वर्ष की आयु से ही शुरू
कर दी थी। असल में जब वो 2 वर्ष का था, तभी से अपने पिता डॉ विक्रम सिंह, जो खुद एक पैशन वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर हैं, के साथ
उसने जंगल जाना शुरू कर दिया था। जब जीवितेश सिंह 4 वर्ष का हुआ तो उसके पापा ने उसके जन्मदिन पर उसे एक कैमरा उपहार में
दिया, बस फिर क्या था जीवितेश सिंह ने उसका पूर्ण इस्तेमाल शुरू कर दिया।

अपने पिता के साथ वह देश के भिन्न-भिन्न जंगलों में जाने लगा। 8 वर्ष की आयु तक वह कैमरे का पूर्ण रूप से इस्तेमाल करना सीख
गया। अपने पिता के साथ साथ उनके मित्रों के संपर्क में आने से जीवितेश को वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी को और भी सीखने का मौका
मिला जिसका उसने पूर्ण रूप से इस्तेमाल किया। जीवितेश ने वाइल्डलाइफ, नेचर एवं बर्ड फोटोग्राफी को अपनाया / स्वाभाव से थोड़े
शर्मीले जीवितेश सिंह ने कमरे को अपनी लैंग्वेज बना कैमरा बोलने लगा। जीवितेश की खींची हुई फोटो अपने आप बोलती हैं।

उसके पिता ने उसकी लगन को देखते हुए समय के साथ साथ उसके मार्किट में आये नए कैमरे दिलवाये तथा जिसका जीवितेश ने खूब सदुपयोग किआ। अब तक जीवितेश देश के लगभग 70 प्रतिशत जंगल घूम चुके हैं तथा वहां फोटो खींच चुके हैं। भिन्न भिन्न प्रजाति के जानवर एवं चिड़ियों के फोटो खींच चुके हैं। 25000 से ऊपर फोटो खींच चुके जीवितेश को आज भी बस कैमरा चाहिए एवं थोड़ा सा टाइम , वो उसका सदुपयोग करना नहीं भूलते।

जीवितेश सिंह के काम को समय समय पर भिन्न भिन्न अखवारों में सराहा जाता रहा है। जीवितेश ने तृतीय नेशनल आर्ट एक्सहिबिशन में हिस्सा लिए जिसमे उन्हें खींचे चित्रों को बहुत सराहा गया। दिल्ली में आयोजित ग्रुप आर्ट एक्सहिबिशन में जीवितेश ने हिस्सा लिए तथा गोल्ड मैडल प्राप्त किआ। जीवितेश के चित्रों को नेशनल इंवेस्टिगेटिंग एजेंसी, ग्रह मंत्रालय के नए हेडक्वार्टर में प्रदर्शित किआ। हेडक्वार्टर का उद्घाटन माननिय ग्रह मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी द्वारा किआ गया। उपस्थित मेहमानों ने इनके चित्रों को खूब सराहा। जीवितेश के चित्रों को नेशनल इंवेस्टिगेटिंग एजेंसी, ग्रह मंत्रालय में स्थायी रूप से स्थान मिला। डायरेक्टर जनरल ने जीवितेश को प्रशंसा – पत्र प्रदान किआ।

जीवितेश ने इन चित्रो को अपनी देश के प्रति प्रेम स्वरुप ग्रह मंत्रालय को भेंट किआ एवं अपनी सच्ची देशभक्ति का उदाहरण दिया। जीवितेश सिंह का नाम इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में यंगेस्ट वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ऑफ़ इंडिया के रूप में शामिल किआ गया। जीवितेश का नाम असिस्ट बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में यंगेस्ट बर्डर के रूप में शामिल किआ गया।

ग्लोबल रिकार्ड्स एवं रिसर्च फाउंडेशन ने जीवितेश को चिल्ड्रन रिकार्ड्स में यंगेस्ट वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर के रूम में सम्मिलित किया।
जीवितेश सिंह को वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी में पर्ल ऑफ़ नेशन अवार्ड से सम्मानित भी किआ गया है। देहरादून में प्रदान किये गए इस
अवार्ड में देश की बड़े बड़े लोगो एवं फिल्म जगत के कलाकारों ने हिस्सा लिए जिन्होंने जीवितेश के कार्य को बखूबी सराहा। हाल ही में

नेशनल दूरदर्शन में जीवितेश के इंटरव्यू को प्रदर्शित किआ गया, जिसमे जीवितेश ने अपनी वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के बारे में बताया।
वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी में आने वाली कदहिनाईयो के बारे में बताया एवं कैसे उनसे निबटा जाये , इसके बारे में जानकारी दी। जंगल में
भिन्न भिन्न खतरों से कैसे निबटा जाये इसके बारे में उन्होंने दर्शको को जानकारी दी। जंगल में रहने वाले प्राणियों को तंग नहीं करना
चाहिए क्योंकि आप उनके क्षेत्र में जा रहे हैं तो आपको ध्यान रखना चाहिए कि उनको तंग न किया जाये एवं जंगल के नियमो का
पालन किया जाये। स्वाभाव से शांत एवं डिसिप्लिन नेचर के जीवितेश अभी और इस क्षेत्र में कार्य करना चाहते हैं तथा जंगल, नेचर
एवं बर्ड्स को बचाने में अपना सहयोग देना चाहते हैं।