‘मेरे परिवार में 9 सदस्य हैं लेकिन सिर्फ 5 ने ही वोट दिया!’


पंजाब के जालंधर संसदीय सीट से नीटू शटरान वाला नामक शख्स निर्दलीय के रूप में चुनावी मैदान में उतरे थे। उनका जालंधर में दुकान के शटर लगाने का व्यवसाय है इसीलिये वे शटरलान वाला के नाम से जाने जाते हैं। २३ मई को जब मतगणना शुरू हुई तो शुरूआती रूझानों के बाद ही वो रोते हुए मतगणना कक्ष से बाहर आ गये।

बाहर खड़े मीडियाकर्मियों के पूछने पर बिलखते हुए नीटू ने बताया कि उनके परिवार में ९ सदस्य हैं लेकिन केवल ५ ही लोगों ने उन्हें वोट दिया। उनसे यह पूछे जाने पर कि क्या परिवार वालों ने उन्हें धोखा दिया, इस पर आंसू बहाते हुए नीटू ने कहा कि नहीं कुछ गड़बड़ है।

 

हालांकि नीटू बहुत जल्दी निराश हो कर मतदान कक्ष से बाहर निकल गये थे। मतगणना पूरी होते-होते उनके खाते में ८५६ वोट आ चुके थे। यद्यपि उन्होंने मीडिया को जो साक्षात्कार दिया वह टीवी पर और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

बेचारे नीटूजी! उन्होंने कहा कि वे एक महीने से अपनी दुकान पर नहीं गये थे और सारा समय लोगों के बीच उनकी समस्याएं सुनने में लगाया था। चुनाव का अनुभव इतना खराब रहा कि अब वे कभी फिर से चुनाव नहीं लड़ेंगे।