मुंबई के व्यापारी की हेयर ट्रांसप्लांट के ५० घंटे में ही मौत


(PC : ndtv.com)

आम तौर पर हेयर ट्रांसप्लांट कराना सुरक्षित माना जाता है। लेकिन मुंबई में एक व्यापारी की हेयर ट्रांसप्लांट के बाद मौत हो गई।

साकीनाका के ४३ वर्षीय व्यापारी श्रवण चौधरी उसके ड्राइवर के साथ चिंचपोकली स्थित एक अस्पताल में अपने बाल बदलवाने यानि हेयर ट्रांसप्लांट करवाने गये थे। उनके सिर में लगभग ९५०० बाल ट्रांसप्लांट किये गये जिसमें लगभग १५ घंटों का समय लगा। यह काम कराने के बाद थोड़े ही समय में उनके गले और चेहरे में सूजन आ गई। उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। तुरंत चौधरी को हीरानंदानी अस्पताल में स्थानांतरिक किया गया। वहां उन्हें दिल सहित हर प्रकार की चिकित्सा उपलब्ध कराई गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। हेयर ट्रांसप्लांट के ५० घंटों में ही उनकी मौत हो गई। उनके परिवार में पत्नी के उपरांत तीन बच्चे हैं।

पुलिस के अनुसार श्रवण ने हेयर ट्रांसप्लांट के विषय में घर पर किसी को जानकारी नहीं दी थी। जब वे ‌अस्पताल गये तो उनके साथ सिर्फ उनका ड्राईवर था। इस प्रोसीजर के लिये उन्होंने ५ लाख रुपये का भुगतान किया था। चिंचपोकली के अस्पताल के खिलाफ चिकित्सा में लापरवाही का अपराध दर्ज किया गया है।

इस मामले के संबंध में डॉक्टरों का कहना है कि आम तौर पर ऐसा होता नहीं है परंतु इन्फेक्शन के कारण ऐसा संभव है। जब हेयर ट्रांसप्लांट किया जाता है तब बाल के मूल में सलाइन वोटर भरा जाता है। व्यक्ति को पेट के सहारे और करवट लेकर सोने की मनाही की जाती है। उन्हें एन्टीबायोटिक और एन्टीएलर्जिक दवाएं भी दी जाती हैं। बादवूद इसके इनफेक्शन लग सकता है। इस किस्से में किसी कारण से इन्फेक्शन लगने से रोगी के चेहरे और गले में सूजन आ गई थी। उसके सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी।

हेयर ट्रांसप्लांट दो ढंग से किया जाता है। एक पद्धति ऐसी है जिसमें ढेर सारे बालों का गुच्छा टाट पर लगाया जाता है और दूसरी पद्धति में मैन्युअली एक-एक करके बाल शरीर के अन्य हिस्सों से लेकर रोपे जाते हैं। दोनों प्रोसिजर में यदि ध्यान न रखा जाए तो मुंबई के ऊपर निर्दिष्ट हादसे की तरह मरीज की मौत भी हो सकती है।