बेटे की तरुणाई का माता के रजोधर्म की उम्र से गहरा संबंध : शोध


लंदन। बेटे की तरुणाई का माता के रजोधर्म से गहरा संबंध होता है। मतलब कोई युवती जिस उम्र में माहवारी शुरू होने का अनुभव करती है उससे उसके बेटे की तरुणाई की उम्र तय होती है। यह तथ्य हालिया एक शोध में प्रकाश में आया है।

इससे पहले यह जाना जाता था कि माता की तरुणाई की उम्र से उसकी बेटी की तरुणाई का गहरा संबंध होता है, लेकिन बेटे की तरुणाई भी माता की तरुणाई से जुड़ी होती है यह किसी को मालूम नहीं था।

हालिया शोध के नतीजे ह्यूमन रिप्रोडक्शन में प्रकाशित हुआ है। शोध के अनुसार, जिन माताओं ने अपनी हमउम्र माताओं की तुलना में कम उम्र में पहले रजोस्राव का अनुभव किया है उनके बेटे भी अपनी उम्र के लड़कों से पहले यौवन का अनुभव करने लगते हैं।

डेनमार्क के आरहुस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता निस ब्रिक्स ने कहा, “माताओं में पहले रजोस्राव और उनकी बेटियों में पहले रजोस्राव के बीच संबंध कई अध्ययन में आ चुके हैं।”

उन्होंने कहा, “हमारे शोध में नई बात यह है कि इसमें बेटियों की तरुणाई के कुछ अन्य लक्षणों को भी शामिल किया गया है। मसलन, स्तन के विभिन्न चरण, जननेंद्रियों पर बाल उगना आदि। इसके अलावा बेटों की तरुणाई से भी माता के पहले रजोस्राव की उम्र के संबंध का पता लगाया गया है।”

-आईएएनएस