पत्नी को गुजारा भत्ते में 10 के सिक्के पकड़ाने पर कोर्ट की फटकार


Image credit : theindusparent.com

नई दिल्ली । कड़कड़डूमा महिला कोर्ट में उस समय काफी नाटकीय स्थिति पैदा हो गई, जब एक महिला को गुजारा भत्ता देने के लिए उसका पति रुपयों से भरी पोटली लेकर कोर्ट रूम में जा पहुंचा। सभी ने पूछा, इसमें क्या है, तो उसने जवाब दिया कि गुजारे भत्ते के 5 हजार रुपये हैं, जो वह कोर्ट के आदेश पर हर महीने पत्नी को देता है। वह पोटली बहुत भारी थी। उसे खोलकर देखा गया, तो उसमें 10-10 के सिक्के भरे हुए थे। पत्नी ने उन रुपयों को लेने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि बाजार में कोई 10 के सिक्के आसानी से लेता नहीं है। महिला के वकील प्रदीप चौहान ने कोर्ट से कहा कि वह ऐसा पहले भी कर चुका है, हालांकि तब कुछ राशि सिक्कों में थी। मगर उसमें भी महिला को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। ऐसे में कोर्ट ने आरोपी पति को जमकर फटकार लगाई और दोपहर तक उसे कहीं से भी सिक्कों को नोट में बदलकर लाने ने निर्देश दिए।

महिला के वकील ने कोर्ट को बताया कि आरोपी पति मासिक गुजारा भत्ते के रूप में 5 हजार रुपये की पूरी रकम 10 के सिक्कों में लेकर पहुंचा है। इस वजह से महिला पत्नी परेशान है, जिसका कहना है कि 10 के सिक्के लेकर बाजार में पहुंचने में उसको काफी मुश्किल होती है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि ऐसा पहले भी किया गया है और कई बार डेट भी मिस कर चुका है। यह सिर्फ महिला को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। ऐसे में कोर्ट ने जवाब मांगा, तो आरोपी पति ने कहा कि वह मोमबत्ती बेचने का छोटा-मोटा काम करता है। ऐसे में उसे जिस तरह पेमंट मिलती है, उसी तरह से वह कोर्ट के सामने ले आया है।

कोर्ट ने फटकार लगाते हुए तुरंत सिक्कों को नोट में बदलकर लाने को कहा और तब तक मामले को स्थगित रखते हुए दोपहर तक का समय दिया। करावल नगर शिव विहार इलाके में 2012 में महिला की ओर से घरेलू हिंसा का मामला दायर किया गया था। महिला ने शिकायत में कहा था कि उसका पति उससे अक्सर मारपीट करता है और खर्चा भी नहीं देता है। उसके तीन बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई का खर्च भी उसे ही उठाना पड़ रहा है। मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने पति को निर्देश दिए कि वह हर महीने पत्नी को 5 हजार रुपये देगा।