बीएसएफ जवान ने रक्तदान के लिए बनाया दोस्तों का ग्रुप, मिली प्रेरणा


रक्तदान कर जगवीर जून ने समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई। वह खुद अब तक २५ बार रक्तदान कर चुके हैं।
Photo/Twitter

नई दिल्ली। युवा वर्ग जिस उम्र में अपने ख्वाब को पूरा करने और मस्ती के बारे में सोचते हैं। उसी उम्र में पथरेड़ी गांव निवासी जगवीर जून ने समाज के लिए कुछ करने का प्रण लिया। जगवीर को सोच और प्रेरणा परिवार से मिली। उसी प्रेरणा को लेकर १८ साल की उम्र से ही उन्होंने रक्तदान करना शुरू किया। रक्तदान कर जगवीर जून ने समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई। वह खुद अब तक २५ बार रक्तदान कर चुके हैं। इस बीएसएफ जवान ने इसके लिए दोस्तों का एक ग्रुप भी बनाया। उनकी कहानी जानकर हर कोई उनका मुरीद हो जाता है। उनको देखकर खुद भी रक्तदान करने का प्रण लेता है। २६ वर्षीय जगवीर जून ने बताया कि वह परिवार के साथ गांव पथरेड़ी में रहता है। उसने स्नातक तक पढ़ाई की है। उनको बॉर्डरी सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) में सब-इंस्पेक्टर के पद पर चयन हो गया है। २५ मार्च से ग्वालियर में उनका प्रशिक्षण शुरू होगा। वह १८ साल की उम्र से रक्तदान कर रहे हैं। अब तक वह २५ बार रक्तदान कर चुके हैं।

रक्तदान करने में कोई परेशानी नहीं होती है,सभी को नियमित तौर पर रक्तदान करना चाहिए। सभी लोग रक्तदान करना शुरू कर देगें, तो देश मे खून की कमी से कभी भी किसी की मौत नहीं होगी। समाज के लिए अच्छा काम करने के बाद जो खुशी मिलती है, उसका बखान नहीं किया जा सकता। जगवीर का कहना है कि रक्तदान करने के लिए अपने दोस्तों को पहले प्रेरित किया। उनको प्रेरित करने में काफी समय लगा और उसके बाद दोस्त भी रक्तदान करना शुरू किया है। पिछले 8 साल में उनके दस दोस्तों को भी इस मुहिम से जोड़ चुके है। वह सब नए साल,जन्मदिन और अन्य खुशी के दिनों में रक्तदान करने के लिए आते हैं। इसके अलावा एक ब्लड डोनर ग्रुप बनाया हुआ है। इसमे धीरे-धीरे नए लोगों को जोड़कर रक्तदान करने के लिए प्रेरित करते हैं। अब तक ग्रुप में ५० से ज्यादा लोगों को जोड़ा जा चुका है। वह हर तीन महीने में रक्तदान करने के लिए जिला नागरिक अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में आते है। जगबीर जून का कहना है कि उनके पिता विरभान जून दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं। उनके पिता भी रक्तदान करते हैं। वह अपने पिता को मदद करते हुए देखते थे और उसी से ही समाज के लिए कुछ अलग करने की इच्छा थी। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने अनजान व्यक्ति की जान बचाने के लिए अपनी किडनी भी डोनेट की है। हर बार उनके पिता बिना निजी स्वार्थ के मदद करने के लिए कहते हैं और करते भी हैं।

स्वास्थ्य विभाग के ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ.मनोज का कहना है कि जगवीर पिछले कई सालों से रक्तदान करने के लिए अस्पताल में आते हैं। इसके अलावा ब्लड बैंक में खून की कमी होती है,तो उनको फोन कर ब्लड डोनेट करने के लिए बुलाया जाता है। वह हमें ब्लड डोनर भी मुहैया करवाते हैं। वह हार बार ब्लड बैंक में ही रक्तदान करने के लिए आते हैं। वह ब्लड बैंक के गुड डोनर की लिस्ट में शामिल हैं।

– ईएमएस