450 साल से खराब नहीं हुआ इस संत का शरीर


पणजी। गोवा में बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस चर्च में सेंट प्रâांसिस जेवियर का शरीर ४५० साल से बिना किसी दवा के संग्रहित कर रखा गया है। माना जा जाता है कि इस संत जेवियर की देह में दिव्य शक्तियां मौजूद है, जिस कारण यह आज तक खNाब नहीं हुई हैं। सेंट प्रâांसिस जेवियर सिपाही से संत में तब्दील हो चुके इग्नाटियस लोयोला के छात्र थे। इग्नाटियस लोयोला जीसस के आदेशों के संस्थापक थे। बताया जाता है कि पुर्तगाल के राजा जॉन तृतीय और उस समय के पोप ने जेसुइट मिशनरी बनाकर प्रâांसिस जेवियर को धर्म के प्रचार के लिए भारत भेजा था। उन्होंने भारत समेत चीन, जापान के कई लोगों को ईशु मसीह का शिष्य बनाया। सेंट प्रâांसिस जेवियर की मृत्यु चीन में समुद्र यात्रा के दौरान हुई थी। कहा जाता है कि उनके शरीर को कुल तीन बार उनके शव को दफनाया गया था। लेकिन हर बार संत का शरीर उसी ताजा अवस्था में था जैसे उन्हें पहले दफनाया गया था। ऐसी कहानी प्रचलित है कि संत के शरीर में दिव्य शक्तियां थीं। यही वजह थी तीन बार दफनाने के बावजूद संत का शरीर सड़ा नहीं। सेंट प्रâांसिस जेवियर की मृत देह आज भी बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस के चर्च में रखी गई है। गोवा के जर्नलिस्ट प्रेâडी अल्मेडा के मुताबिक, हर १० साल में ये लोगों के दर्शन के लिए रखी जाती है। २०१४ में आखिरी बार इसे दर्शन के लिए निकाला गया था। संत की देह को बिना किसी रसायन के कांच के एक ताबूत में रखा गया है फिर भी यह ठीक है।