3800 गानों से समीर ने रचा इतिहास


वाराणसी। शब्दों को गीतों में पिरोकर हिदी पट्टी के सिने प्रेमियों के कानों में मिठास घोलते-घोलते ख्यात गीतकार समीर ने इतिहास रच दिया। एक इंडस्ट्री व एक ही भाषा की ६५० फिल्मों के लिए ३८०० गीत रचने वाले काशी के इस लाल की उपलाqब्धयों को वल्र्ड रिकॉर्ड मानते हुए गिनीज बुक में शामिल कर किया गया है। दो दिन पहले वल्र्ड रिकॉर्ड मॉनीटरिग संस्था की ओर से उन्हें इसकी जानकारी दी गई। गिनीज बुक की टीम १५ फरवरी को मुंबई में इसकी विधिवत घोषणा करेगी और प्रमाण पत्र सौंपेगी। जीवट के धनी रचनाकार की उपलाqब्धयों से प्रभावित होकर गिनीज बुक को विशेष वैâटेगरी बनानी पड़ी। इसे हिदी फिल्म इंडस्ट्री में सर्वाधिक गीत लिखने वाले गीतकार की श्रेणी नाम दिया गया है। अब तक बालीवुड से आशा भोसले सर्वाधिक गीत गायन और दिलीप कुमार सबसे अधिक फिल्म पेâयर अवार्ड के लिए गिनीज बुक अवार्ड में शामिल हैं।
समीर की उपलाqब्धयों को वल्र्ड रिकॉर्ड में शामिल करने के लिए टीम दो साल से काम कर रही थी। गिनीज बुक से संपर्वâ करने पर बताया गया कि ऐसी कोई श्रेणी नहीं लेकिन उपलाqब्धयों की लंबी सूची को देखते हुए ब्योरा मांग लिया गया। गिनीज बुक टीम ने समीर के ३८०० गीतों व ६५० फिल्मों का दो साल तक अध्ययन किया। बालीवुड प्रोडयूसर, म्यूजिक डायरेक्टर व राइटर्स एसोसिएशन से इसकी पुाqष्ट की और भारत के खाते में एक नए विश्व रिकार्ड पर मुहर लग गई। वाराणसी में िंपडरा विकास खंड के ओदार गांव निवासी शीतला प्रसाद पांडेय ने पिता ख्यात गीतकार अनजान की राह पर चलते हुए १९८० में मुंबई का रुख किया। अपने पहले ही गीत ‘राजा तेरे रस्ते से हट जाऊंगी…’ से पहचान बनाई और समीर के नाम से जाने गए।