16 अप्रैल से विवाह शुरू, इस बार सबसे ज्यादा मुहूर्त


खरमास समाप्त होने पर विवाह मुहूर्त १६ अप्रैल से शुरू होंगे। इस साल के दिसंबर तक केवल ४९ दिन मुहूर्त बाकी है। सर्वाधिक मुहूर्त २१ अप्रैल को अक्षय तृतीया के बाद १९ दिन मई में और सबसे कम ४ दिन नवंबर में होंगे। परंतु २२ नवंबर को देव उठनी ग्यारस के बाद साल के अंत तक केवल १४ दिन ही विवाह मुहूर्त रहेंगे। जुलाई से अक्टूबर तक तथा १५ दिसंबर से १४ जनवरी तक विवाह नहीं होगेें।
पं.रामजीवन दुबे के अनुसार सूर्य के मीन राशि में रहने पर विवाह मुहूर्त नहीं होते हैं। सूर्य के १६ अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश करने के साथ ही मुहूर्त शुरू होंगे, जो १२ जून तक रहेंगे। इसके बाद १७ जून से १६जुलाई तक अधिकमास और २७ जुलाई से देवशयनी एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ होने पर मुहूर्त नहीं रहेंगे। चार माह बाद मुहूर्त २२ नवंबर को देव उठनी एकादशी से प्रारंभ होंगे जो १४ दिसंबर तक रहेंगे। इसके बाद सूर्य के १६ दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश के कारण विवाह नहीं होगे जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद मकर संक्रांति पर १४ जनवरी से शुरू होंगे।

० किस महीने से कब-कब मुहूर्त
अप्रैल – १६,२१से २३,२७ से ३० (८दिन)
मई- १,३ से ६,७,९,१०,१४,१५,१८ से २०,२५,२७से ३१ (१९ दिन)
जून- १से ४,६,१० से १२ (८दिन)
नवंबर- २२,२३,२६,२७(४ दिन)
दिसंबर- २ से ८,१२,१३,१४ (१० दिन)
०श्रेष्ठ मुहूर्त वाले दिन
अप्रैल २१ को अक्षय तृतीया, २२ को निायकी चतुर्दशी, २५ को गंगा सप्तमी, २७ को सीता नवमी
मई ४ को वैशाख पूर्णिम, १४ को एकादशी, १८ को सोमवती अमावस्या, २० को रंभ तीज, २८ को गंगा दशहरा
जून २ को वट सावित्री पूर्णिमा, १० को शतलाष्टाी, १२ को योगिनी एकादशी
नवंबर २२ को दव उठनी एकादशी, २३ को प्रदोष
दिसंबर ७ को एकादशी
०इस वर्ष दो अषाढ़ – जून से ३१ जुलाई : प्रथम अषाढ़ में जून में मात्र ६ दिन मुहूर्त