हम दूसरे ग्रहों पर रहने लगेंगे, धरती का भविष्य अनिश्चित


विज्ञान में हम जितनी प्रगति कर रहे हैं, उसका सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है लेकिन इसके नकारात्मक पक्ष पर हम ध्यान नहीं दे रहे हैं। यह एक भौतिक विज्ञानी का मानना है। उनका मानना है कि इससे १०० साल में धरती से मानव जाति के समाप्त हो जाने की आशंकाएं भी हैं। उन्होंने तीन खतरों का खास तौर से उल्लेख किया। पहला, परमाणु हथियार, दूसरा, ग्लोबल वाा\मग और तीसरा, जेनेटिक संशोधन कर बनाए गए वायरस। उन्होंने कहा कि जिस तरह हम प्रगति कर रहे हैं, उससे इस बात की उम्मीद बढ़ी है कि आने वाले वर्षों में हम दूसरे ग्रहों पर रहने लगेंगे। इससे यह तो तय है कि धरती पर विनाशकारी चीजें होने पर भी मानवता नष्ट नहीं होगी। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे ग्रहों पर रहना धरती के लोगों के बिना संभव नहीं होगा, इसलिए भी इसको बचाने की कोशिश होनी चाहिए। यह नहीं हो सकता है कि हम प्रगति न करें या इस प्रक्रिया को उलट दें। इसलिए हमें खतरों की पहचान करनी चाहिए और उन्हें दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। मैं आशावादी हूं और मुझे यकीन है कि हम ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हम लोकतांत्रिक समाज में रह रहे हैं। ऐसे में हर व्यक्ति को विज्ञान के बारे में कम-से-कम मूलभूत जानकारी होनी चाहिए ताकि वे भविष्य के बारे में अपना पैâसला कर सवेंâ।