सूडान में भी हैं गौभक्त


लंदन। गाय की पूजा सिर्पâ भारत में ही नहीं की जाती बाqल्क सूडान जैसे देश में भी गौभक्तों की कमी नहीं है। यहाँ एक ऐसी जन जाति है जो हिन्दुओं की तरह गायों को अपना सर्वस्व मान उन्हीं पर निर्भर है। दक्षिणी सूडान में मुंदारी नाम की जनजाति के लोग गौमूत्र को बेहद पवित्र मानते हैं और उसी से स्नान करते हैं। इस जनजाति के लोगों का मानना है कि ऐसा करने से इन्हें ाqस्कन इन्पेâक्शन नहीं होता है।
दरअसल, जिस सूडान में कड़ी धूप और अन्य कारणों से इन्पेâक्शन का खतरा बना रहता है। गर्मी से बचने, और मच्छर भगाने के लिए इस जनजाति के लोग गोबर के वंâडे की राख को पाउडर की तरह शरीर पर लगाते हैं। गाय और बैल मुंदारी ट्राइब्स के लोगों की िंजदगी का सबसे अहम हिस्सा हैं। इनकी सुरक्षा के लिए ये लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं। गायों की सुरक्षा के लिए जनजाति के लोग रायफल लेकर तैनात रहते हैं। एक गाय की कीमत लगभग ३४ हजार ८०० रुपए तक होती है। गरीबी से जूझ रहे दक्षिणी सूडान में उनकी चोरी होती रहती है। इसे रोकने की कोशिश में हुए संघर्षों में अब तक २५०० लोगों की मौत भी हो चुकी है।
यहां के लोगों के लिए जीवन का सबसे अहम हिस्सा इनकी गायें है. गाय ही यहां रोजगार का ़जरिया होती हैं। यहां तक कि शादी-ब्याह में दहे़ज के रूप में भी गाय को ही दिया जाता है। इसी वजह से आपसी लड़ाईयां भी गायों को लेकर ही होती है। गाय इतनी महत्वपूर्ण होती है कि लोग रात को अपनी-अपनी गायों के साथ ही सोते हैं। कुछ लोग तो बंदूकों से गाय की रखवाली भी करते हैं। गाय की चोरी की वजह से होने वाली लड़ाईयों में यहां अब तक २५०० से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। वैसे आपको बता दें, ये गायें आम गायों जैसी नहीं होती हैं। इन्हें `वैâटल ऑफ िंकग’ कहा जाता है। इनके सींग ८ फीट तक लम्बे हो सकते हैं।