सबसे ज्यादा कामकाज करने वाले लोग बौद्ध धर्म में


नई दिल्ली । देश में धर्मआधारित कामकाजी आबादी के आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि मुाqस्लमों की कुल जनसंख्या में कामकाज करने वाले महज ३३ फीसदी हैं। यह राष्ट्रीय औसत (४० फीसदी) से भी कम है। मुाqस्लम और सिख की कामकाजी आबादी में महिलाओं का हिस्सा महज १५ फीसदी है। जैन में यह सबसे कम १२ फीसदी है। िंहदुओं में २७ फीसदी, तो ईसाइयो में ३१ फीसदी और बौद्धधर्म में ३३ फीसदी महिलाएं कामकाजी हैं। खबर के मुताबिक, जैन और सिख में यह आंकड़ा ३६-३६ फीसदी है। वहीं सबसे ज्यादा कामकाज करने वाले लोग बौद्ध धर्म में हैं। खास बात यह भी है कि बौद्ध धर्म अपनाने वालों में ज्यादातर दलित हैं। देश की िंहदू आबादी में कामकाज करने वालों का आंकड़ा ४१ फीसदी है। २०११ की जनगणना के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। इन आंकड़ों और दस साल पहले की गई जनगणना के आंकड़ों में बड़ा फर्वâ नहीं आया है। देश में रोजीरोटी के लिए कामकाज करने वालों की संख्या ४८.२० करोड़ है। यह कुल आबादी का ४० फीसदी हिस्सा है।इनमें से ५५ फीसदी कृषि कार्य करते हैं। ४१.२ फीसदी इंडस्ट्री और र्सिवस सेक्टर से जुड़े हैं।देश की कुल जनसंख्या में कामकाजी पुरुषों का आंकड़ा ५३ फीसदी है, तो महिलाओं में यह २६ फीसदी है। मुाqस्लम, जैन और सिख जैसे समुदायों में तुलनात्मक रूप से कम कामकाजी आबादी होने का बड़ा कारण महिलाओं की भागीदारी नहीं होना है।