लंदन किराये पर रहने वालों का शहर बना


ब्रिटेन । साल २०२५ तक लंदन किराये से रहने वालों का शहर बन जाएगा। इसमें से ४० फीसद ही यहां के मकानों के मालिक होंगे। यह जानकारी नए शोध में सामने आई है। साल २००० को देखते हुए यह ाqस्थति एकदम उलट है, जब लंदन के रहने वाले ६० फीसद लोग मकान के मालिक हुआ करते थे। कई लोगों का खुद का मकान था और कई लोगों ने घरों को मॉर्टगेज कर दिया था। यह पूर्वानुमान सरकार सहित कई लोगों के लिए बुरी खबर के रूप में सामने आया है। सरकार लोगों को मकान खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कोशिश कर रही है। इसके तहत कृत्रिम रूप से बाजार को बूस्ट करके मकान मालिकों का देश बनाने की कोशिश की जा रही है। चांसलर जॉर्ज ऑस्बोर्न अप्रैल से स्टैंप डयूटी बढ़ाकर उन मकान मालिकों पर पेनाल्टी लगाने की तैयारी कर रहे हैं, जो मकान खरीदकर उसे खाली छोड़ देते हैं। ब्रिटेन के हर इलाके में किरायेदारी में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। उत्तरी आयरलैंड में सबसे अधिक किरायेदारों की संख्या बढ़ने वाली है। यहां घरों के बनने में कमी से किरायेदारी में २४.४ फीसद बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं किरायेदारी में सबसे कम बढ़ोतरी दक्षिण-पश्चिमी ब्रिटेन में होने की उम्मीद है, जिसकी संख्या ६.१ फीसद होगी। साल २००३ में ब्रिटेन में सबसे अधिक मकान मालिकों की संख्या ७१ फीसद थी। इसके बाद से ब्रिटेन में लगातार मकान मालिकों की संख्या में कमी होती जा रही है।