रात में होते है सूर्य के दर्शन


लंदन। वेसे तो सूर्य हमेशा दिन में ही दिखाई देता है, लेकिन एक जगह ऐसी भी है जहाँ रात के वक्त भी सूर्य दिखाई देता है। जी हाँ यूरोप महाद्वीप का एक देश नार्वे, जहाँ मध्य रात्रि सूर्य के दर्शन के लिए कई पर्यटक आते हैं। इसके उत्तरी छोर पर हेमरपेâस्ट नामक शहर है। इसीलिए नार्वे को मध्यरात्रि के सूर्य का देश’ कहते हैं। पृथ्वी अपने तल से ६६ डिग्री का कोण बनाते हुए घूमती है या यों कहें कि पृथ्वी का अक्ष सीधा न होकर २३ डिग्री तक झुका हुआ है। अक्ष के झुकाव के कारण ही दिन व रात छोटे-बड़े होते हैं। २१ जून व २२ दिसंबर ऐसी दो तिथियॉं हैं, जिनमें सूर्य का प्रकाश वृत्त पृथ्वी की धुरी के झुकाव के कारण पृथ्वी के सभी स्थानों को समान भागों में नहीं बांटता है। दिन और रात की अवधि में अंतर आता है। उत्तरी गोलाद्र्ध में मध्य-रात्रि अर्थात रात को १२ बजे भी सूर्य दिखाई देने की घटना का संबंध २१ जून वाली ाqस्थति से है। इस समय ६६ डिग्री उत्तराअक्षांश से ९० डिग्री उत्तराअक्षांश तक का संपूर्ण भू-भाग प्रकाश वृत्त के भीतर रहता है। इसका अर्थ यह हुआ कि यहॉं चौबीसों घंटे दिन रहता है, रात होती ही नहीं, इसीलिए वहॉं आप आधी रात को भी सूर्य को देख सकते हैं। न तो सूर्योदय होगा और न सूर्यास्त होगा। यहां चौबीसों घंटे सूर्य क्षितिज पर दिखाई देता है। यही वजह है जो यहाँ अद्र्धरात्रि के सूर्य-दर्शन होते है।